KGMU लखनऊ में सफल रोबोटिक हार्निया सर्जरी, मरीज को अस्पताल से मिली छुट्टी

Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (kgmu) में दो दिन पहले जिस मरीज का रोबोट से हार्निया (Hernia) का ऑपरेशन किया गया था। वह अब स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
मरीज की सर्जरी करने वाले डा. एच.एस.पाहवा (Dr HS Pahwa) ने बताया कि असिस्टेड इनगुइनल हार्निया का ऑपरेशन किया गया था। रोबोट के जरिए सर्जरी करने में राहत की बात यह होती है कि मरीज को चीर-फाड़ और दर्द से राहत रहती है। उन्होंने बताया कि हार्निया (इनगुइनल व वेंट्रल) के साथ-साथ अन्य मिनिमल एक्सेस सर्जरी के लिए रोबोटिक सर्जरी (Robotic surgery) का उपयोग पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है।
यह एक महंगी सर्जरी है जिस वजह से कुछ ही निजी अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा है। केजीएमयू में आम मरीजों को सर्जरी कम खर्च में की जाएगी। उन्होंने बताया कि कम लागत वाला भारतीय रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम मंत्र केजीएमयू में स्थापित किया गया है। मंत्र एक भारतीय कम्पनी एसएसआई का उत्पाद है।
कम्पनी के संचालक खुद एक कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के उपयोग को सीडीएससीओ द्वारा टेली सर्जरी के लिए भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही यह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम भविष्य में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के प्रशिक्षण और अनुसंधान में भी सहायक होगा।
डाॅ. पाहवा ने बताया कि शुरुआत में कुछ मामलों में मरीजों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) के लिए सब्सिडाइज्ड शुल्क लागू किया जाएगा। रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के उपयोग से ऑपरेशन और भी सटीक तरीके से हो सकेंगे। मिनिमल एक्सेस सर्जरी के समान लाभ जैसे छोटे निशान, कम पोस्ट ऑपरेटिव दर्द और तेजी से रिकवरी शामिल हैं।
रोबोटिक सर्जरी के लाभ
– ओपन सर्जरी की तुलना में कम समय में रिकवरी
– सर्जरी के दौरान कम दर्द
– संक्रमण का कम जोखिम
– कम रक्तस्राव
– अस्पताल में कम समय तक रहना
– सर्जरी के छोटे निशान
– सर्जनों के लिए बेहतर विजुलाइजेशन
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