UP

30 जून के बाद बिजली संविदा कर्मियों को नहीं मिलेगा वेतन

Lucknow: मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के अधीन जोन में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मी (Outsourced workers) अब 30 जून के बाद वेतन नहीं मिलेगा। इन कर्मियों की एजेंसी का टेण्डर पूर्व में ही समाप्त हो गया था मगर कई डिवीजन में कार्यरत संविदाकर्मियों, सुरक्षा गार्डों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नौकरी से हटाया नहीं गया था।

यह सभी कर्मी विकेन्द्रीकृत (Decentralised) स्तर पर किए गए आउटसोर्सिंग अनुबंधों के तहत तैनात किए गए थे। एमडी मध्यांचल ने निर्देश दिया कि सभी अनुबंधों का 30 जून तक फोरक्लोज (Foreclose) कर दिया जाए। मध्यांचल निगम की प्रबंध निदेशक (MD) रिया केजरीवाल ने द्वारा जारी आदेश मध्यांचल निगम के सभी जोन (Zone) जैसे अयोध्या, लखनऊ, गोंडा, बरेली, रायबरेली, सीतापुर आदि जिलों में लागू होगा। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 3 जून के पूर्व जारी आदेशों के अनुरूप क्षेत्रीय कार्यालयों को यह निर्देशित किया गया है कि आउटसोर्सिंग से जुड़े संविदाकर्मियों के विकेन्द्रीकृत अनुबंधों को 30 जून तक समाप्त किया जाए।

एक जुलाई के बाद उनकी सेवाओं को अमान्य माना जाएगा और उनका कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। ज्ञात हो कि विकेन्द्रीकृत व्यवस्था के तहत जो अनुबंध किए गए थे वह पिछले साल के आखिर में समाप्त हो गए थे। अनुबंध समाप्त होने के बाद जोन स्तर पर उन्हें तीन-तीन माह के लिए विस्तारित किया जा रहा था। अब एमडी मध्यांचल ने अनुबंध को आगे बढ़ाने की स्वीकृति देने से इनकार दिया है। एमडी ने अपने आदेश के अनुपालन में सभी अधीक्षण अभियंताओं(Superintending Engineers) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि उनके क्षेत्र में कार्यरत ऐसे संविदा कर्मचारियों की सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त की जाएं।

लखीमपुर की फर्म को मिला टेण्डर

डिवीजन और सब डिवीजन पर काम करने वाले संविदा कर्मियों का नया टेण्डर लखीमपुर की फर्म को मिला है। यह टेण्डर को मध्यांचल मुख्यालय ने केन्द्रीयकृत व्यवस्था के तहत दिया है। अब जोन में काम करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर, गार्ड व अन्य संविदा कर्मी लखीमपुर की फर्म के ही होंगे। नई फर्म को टेण्डर देने के लिए ही सर्किल स्तर पर रखी गईं फर्मों को हटाया गया है।

पुराने कर्मियों को ही रख रही फर्म

बिजली घरों पर काम करने वाले संविदा कर्मी जो हटाए गए थे उन्हें नई फर्म दोबारा से नौकरी पर रख रही है। हालांकि फर्म ने सेवा शर्तों में कुछ बदलाव जरूर किए हैं मगर नये कर्मियों को नौकरी पर रखने के बजाए पुराने कर्मियों को ही चयनित किया गया है। कुछ डिवीजन के आउटासोर्स कर्मियों को नौकरी मिल गई है शेष को अगले माह नौकरी मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि फर्म ने दागी कर्मियों को नौकरी पर लेने से मना कर दिया है।

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