Health

यूपी में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ महाभियान: 14 साल की 46 लाख किशोरियों को आज से मुफ्त लगेगी HPV वैक्सीन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सर्वाइकल (गर्भाशय) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए राज्य सरकार ने शनिवार से एक ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी महाभियान शुरू किया है। इसके तहत ‘ह्यूमन पैपिलोमावायरस’ (HPV) का टीकाकरण किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक इस अभियान का शुभारंभ करेंगे।
यह प्रदेशस्तरीय अभियान सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण के राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका शनिवार को ही प्रधानमंत्री अजमेर से शुभारंभ कर रहे हैं। इस लॉन्च कार्यक्रम से यूपी सहित सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।

46 लाख किशोरियों को मुफ्त वैक्सीन का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत प्रदेश की करीब 46 लाख किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है।
किसे लगेगी: 14 साल की सभी किशोरियों (जिनकी उम्र 14 से 15 साल के बीच है) को गार्डासिल-4 (Gardasil-4) टीके की सिंगल डोज दी जाएगी।

यह वैक्सीन सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध रहेगी।

यह विशेष अभियान तीन महीने तक हर रोज चलेगा। इसके बाद इसे रूटीन टीकाकरण के दिनों में शामिल कर लिया जाएगा।

निजी अस्पतालों में हजारों की है यह वैक्सीन

अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर से बचाने वाली HPV वैक्सीन (जैसे गार्डासिल) की एक डोज निजी अस्पतालों और बाजार में लगभग 2,500 से 4,000 रुपये तक की आती है। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा इसे मुफ्त उपलब्ध कराना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है।

सर्वाइकल कैंसर और HPV क्या है?

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) में होता है। दुनिया भर में इसके लगभग 99% मामलों का मुख्य कारण ‘ह्यूमन पैपिलोमावायरस’ (HPV) का संक्रमण होता है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अगर किशोरियों को सही उम्र (संक्रमण के खतरे से पहले) में यह वैक्सीन लगा दी जाए, तो इस कैंसर के खतरे को लगभग खत्म किया जा सकता है।

बचाव का इकलौता टीका

केजीएमयू (KGMU) के गाइनकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. निशा सिंह के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। महिलाओं के कुल कैंसर मामलों में इसकी हिस्सेदारी लगभग 22.86 प्रतिशत है। गर्भाशय कैंसर के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में तेजी से वृद्धि हो रही है। डॉ. सिंह का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर इकलौता ऐसा कैंसर है, जिसकी रोकथाम सिर्फ एक वैक्सीन से संभव है। इसलिए सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है।

टीकाकरण के लिए जरूरी नियम और शर्तें

महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एचडी अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि शुरुआत में 15 किशोरियों को डोज देकर उनका डेटा यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
किशोरियों को अपने साथ अभिभावकों का सहमति पत्र और आयु प्रमाणित करने का साक्ष्य (Age Proof) लाना अनिवार्य है।

खाली पेट न आएं: स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वैक्सीन खाली पेट नहीं लगवानी है। कुछ खा-पीकर ही टीकाकरण केंद्र पर आएं।

इन्हें नहीं लगवानी है वैक्सीन (सावधानियां)
स्वास्थ्य विभाग ने कुछ विशेष परिस्थितियों में यह वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी है:
जो किशोरियां गंभीर रूप से बीमार हैं (पूरी तरह ठीक होने तक)।
जिनका स्वभाव अधिक एलर्जिक है।
गर्भवती किशोरियां।
14 से 15 साल की उम्र के दायरे से बाहर की लड़कियां।
जो किशोरियां पहले से एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगवा चुकी हैं, उन्हें दोबारा यह डोज नहीं लेनी है।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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