चिकित्सा शिक्षा में इस साल मिलेगी 1,200 लोगों को नौकरियां
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को केवल डिग्री देने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे गुणवत्ता, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। इसी के तहत इस साल चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्तियां की जायेंगी। सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता के पदों पर करीब 1,200 अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी की सौगात मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश दिये थे ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके। इसी के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग (Medical Education) की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयन कराने के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जायेगा।
इसे भी पढ़ें : यूपी के पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश करेगा कनाडा
राजकीय मेडिकल कॉलेजों के करीब 12 सौ पदों में सहायक आचार्य के 1,112 पदों, आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता के 11 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा नर्सिंग कैडर को सशक्त करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। सीएम योगी जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। जहां पहले कुछ गिने-चुने जिलों तक मेडिकल शिक्षा सीमित थी, वहीं लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है। नए कॉलेजों के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह भर्ती उसी दिशा में बड़ा कदम है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की नियुक्ति से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा। इससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलेंगे, जो आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं
WhatsApp Channel, Google News और सोशल मीडिया पर फॉलो करें




