UP News: पीआरडी जवानों को योगी सरकार का डबल गिफ्ट: ड्यूटी भत्ता 600 रुपये हुआ, मुफ्त इलाज को भी मंजूरी

लखनऊ। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इसमें प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए दो बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
सरकार ने पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता बढ़ा दिया है। अब यह 500 रुपये से बढ़कर 600 रुपये प्रतिदिन हो गया है। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ को भी स्वीकृति दी गई है। इससे स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इन दोनों फैसलों से पीआरडी जवानों को बड़ी आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
हर महीने 3000 रुपये तक बढ़ेगा मानदेय
भत्ता बढ़ने से 30 दिन की लगातार ड्यूटी करने वाले पीआरडी स्वयंसेवक की आय में सीधे 3,000 रुपये प्रतिमाह का इजाफा होगा।
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लाभार्थी: प्रदेश के 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को इस वृद्धि का सीधा लाभ मिलेगा।
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सरकारी खजाने पर असर: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि भत्ते में वृद्धि से राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।
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बजट व्यवस्था: इसके बाद पीआरडी जवानों पर कुल वार्षिक खर्च 6 अरब 8 करोड़ 68 लाख रुपये के पार हो जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शेष महीनों के लिए अनुपूरक अनुदान से 45 करोड़ रुपये की तत्काल व्यवस्था की गई है।
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31,130 पंजीकृत जवानों को स्वास्थ्य कवच
योगी कैबिनेट ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।
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वर्तमान में पंजीकृत 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
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प्रति स्वयंसेवक 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर तय की गई है।
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इस योजना पर सालाना करीब 9.34 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए भी 5 करोड़ रुपये के बजट का इंतजाम किया गया है।
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साचीज (SACHIS) के जरिए मिलेगी सुविधा
इस कैशलेस चिकित्सा योजना का संचालन ‘स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ इंटीग्रेटेड सर्विसेज’ (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना का लाभ स्वयंसेवक और उनके आश्रितों को केवल सेवा अवधि के दौरान ही मिलेगा।
ऐसे जवान या उनके परिवार, जो पहले से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या किसी अन्य राज्य/केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य योजना का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें इस नई योजना के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा।
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