UP

UPPCL: स्मार्ट मीटर लगाने से राजस्व 212 करोड़ से 278 करोड़ रुपये हुआ

लखनऊ। UPPCL का दावा है कि स्मार्ट मीटर (Smart meter) तेज नहीं बल्कि पूर्व में लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटर के समान ही चलता है। उसके दावे की हकीकत कारपोरेशन के राजस्व आंकड़ों से उजागर हो जाती है। पहले जब पूर्वांचल (PuVVNL)में उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगे थे तब वर्ष 2024 में उन उपभोक्ताओं से 212 करोड़ राजस्व मिलता था। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद उन्हीं उपभोक्ताओं से 278 करोड़ रुपये राजस्व मिल रहा है। यानि विभाग की राजस्व वसूली स्मार्ट मीटर से 31.19 प्रतिशत बढ़ गई।

प्रदेश की बिजली कंपनियों (Discoms) में 72 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए चुके हैं। इसमें से करीब 63 लाख 63,744 प्रीपेड मोड में चल रहे हैं। जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर का खर्चा उपभोक्ताओं से वसूलने की बात आई तो नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों से स्मार्ट प्रीपेड मीटर का ब्योरा तलब किया। सवाल किया गया कि जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के यहां नहीं लगा था तब उनका कुल राजस्व कितना आता था।

इसे भी पढ़ें: नीति आयोग ने अप्रेंटिसशिप व्यवस्था को सशक्त बनाने पर अहम नीति रिपोर्ट जारी की

जब स्मार्ट प्रीपेड लग गया तब कितना राजस्व आ रहा है। बिजली कंपनियों ने आयोग में जवाब दाखिल किया तब सच्चाई सामने आई। बताया गया कि पूर्वांचल विद्युत निगम में अब तक लगभग 23 लाख 32,629 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए है। वित्तीय वर्ष 2024 (जब स्मार्ट मीटर लागू नहीं थे) की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025 (स्मार्ट मीटर लागू होने के पश्चात) इन उपभोक्ताओं के कुल राजस्व संग्रह में 31.19′ की वृद्धि दर्ज की गई है। राजस्व संग्रह 212.22 करोड़ था जो वर्ष 2025 में यह बढक़र 278.41 करोड़ रुपये हो गया।

पूर्वांचल विद्युत निगम में त्रैमासिक विवरण (करोड़ में)

तिमाही 2024                        बिना स्मार्ट मीटर                      2025 स्मार्ट मीटर                         वृद्धि %
(अप्रैल-जून)                            47.96                                           63.69                                      32.80 %
(जुलाई-सितंबर)                       53.29                                           65.43                                      22.78 %
(अक्टूबर-दिसंबर)                    77.11                                          105.36                                     36.64 %
(जनवरी-मार्च)                         33.86                                           43.93                                       29.75 %
कुल                                      212.22 करोड़                             278.41 करोड़                          31.19 %

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से उपभोक्ताओं की रीडिंग में अंतर आ रहा है। बिजली कंपनियों में 8 से लेकर 15 प्रतिशत तक रीडिंग बढऩा लाजिमी है जब पूर्वांचल का आंकड़ा सामने आया तो यह सिद्ध हो गया कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं। इसकी गहन जांच की आवश्यकता है। पूर्वांचल के अध्ययन में सामने आया कि जो पूरे साल में औसत एक उपभोक्ता की रीडिंग वर्ष 2024 में 3874 आई थी। वर्ष 2025 में वह रीडिंग 4187 हो गई। लगभग 8′ से ज्यादा बढ़ोतरी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button