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यूपी में अब प्रसूताओं के हीमोग्लोबिन की होगी नियमित जांच

Lucknow: उत्तर प्रदेश में प्रसूताओं में हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) की कमी पर अंकुश लगेगा। महानिदेशक परिवार कल्याण (DG Family Welfare) के नये आदेश के तहत अब प्रसव के 48 घंटे के भीतर प्रसूता की हीमोग्लोबिन की जांच की जाएगी। इतना ही नहीं प्रसूता को यह सलाह दी जाएगी वह डेढ़, ढाई और साढ़े तीन माह के दौरान नियमित रूप से हीमोग्लोबिन की जांच कराएं।

उसकी जांच का ब्योरा दिए जाने वाले मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड पर दर्ज होगा। ताकि भविष्य में इलाज करने वाले डाक्टरों को महिला में हीमोग्लोबिन की स्थिति का पता चल सके। परिवार कल्याण महानिदेशक ने यह आदेश प्रदेश के सभी सीएमओ को प्रेषित किया है।

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आदेश में कहा गया कि प्रसव के बाद महिलाओं की सेहत की निगरानी होनी चाहिए। ज्ञात हो कि एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार यूपी की करीब 58 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं। इसे देखते हुए टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट की रणनीति अपनाने का फैसला लिया गया है। डाक्टरों के अनुसार प्रसव के बाद हीमोग्लोबिन की नियमित जांच से भविष्य का उपचार आसान हो जाता है। प्रसव बाद होने वाली तीन फॉलोअप जांचें सुनिश्चित किए जाने का जिम्मा सम्बन्धित आशा को होगा।

प्रसव के बाद महिलाओं को 180 आयरन (आईएफए) और 360 कैल्शियम की गोलियां दी जाएंगी। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर भी महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच और परिवार नियोजन पर काउंसिलिंग के निर्देश दिए गए हैं।

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एनीमिया के लक्षण

कमजोरी, थकान, चक्कर आना. मानसिक तनाव. गर्भावस्था में बच्चे की वृद्धि और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

कैसे करें बचाव

आयरन और कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन।

हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना व दाल खाएं।

सब्जियां लोहे की कढ़ाई में बनाएं इससे आयरन तत्व मिला है।

निजी अस्पतालों में जांच की सुविधा

महानिदेशक ने कहा कि किसी भी महिला को छूटने नहीं दिया जाएगा। यदि किसी का प्रसव निजी अस्पताल में हुआ है तो क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर जाकर उसकी जांच कर स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करेंगी। गंभीर एनीमिया के मामलों में महिलाओं को बड़े अस्पताल पर भेजने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य इकाइयों एवं एएनएम के पास डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर उपलब्ध हैं। इससे वह महिलाओं के रक्त की जांच कर हीमोग्लोबिन के स्तर का तुरन्त पता लगाया जा सकता है।

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Mahima Tiwari

महिमा तिवारी, द कवरेज में सीनियर पत्रकार हैं। पत्रकारिता में 23 साल का अनुभव रखतीं हैं। वह राजनीति, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखती हैं। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर भी लिखना पसंद है।

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