केजीएमयू में चयन के 10 महीने बाद भी जॉइनिंग नहीं, डिप्टी सीएम से मिले अभ्यर्थी

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन) की प्रक्रिया पूरी होने के 10 महीने बाद भी सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र के लिए भटक रहे हैं। बुधवार को इन अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई और जल्द जॉइनिंग दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि केजीएमयू प्रशासन ने अक्टूबर 2024 में जारी विज्ञापन (संख्या: 230/रिक्रूटमेंट सेल/2024) के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली थी। इसके फेज-1 के तहत चयनित 80 अभ्यर्थियों को तो कार्यभार ग्रहण करा दिया गया, लेकिन फेज-2 के 200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अधर में लटकी हुई है।
नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में ओटी असिस्टेंट, रिसेप्शनिस्ट, सोशल सर्विस ऑफिसर और रेडियोथेरेपी तकनीशियन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयनित युवा शामिल हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद फाइलें महीनों से दबी पड़ी हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
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ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मांग की है कि रुकी हुई फाइलों की वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए और केजीएमयू प्रशासन को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए जाएं।
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