Health

फैटी लिवर से बढ़ रहा है नींद में सांस रुकने का खतरा, रिसर्च में बड़ा खुलासा

फैटी लिवर को अब हल्के में लेने की गलती भारी पड़ सकती है। इसका असर सिर्फ आपके लिवर तक ही सीमित नहीं है।
नई रिसर्च के मुताबिक, फैटी लिवर के कारण नींद की गंभीर बीमारी ‘स्लीप एपनिया’ का खतरा बढ़ रहा है। इस बीमारी में मरीज को सोते समय तेज खर्राटे आते हैं और उसकी सांस बार-बार रुकने लगती है।

लोहिया संस्थान और एम्स की अहम रिसर्च

यह शोध लखनऊ के लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) और एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों ने किया है। इसमें 20 से 60 साल के 102 फैटी लिवर मरीजों पर अध्ययन किया गया।

रिसर्च के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे। 102 में से 54 मरीजों में स्लीप एपनिया की समस्या पाई गई। यानी, फैटी लिवर से पीड़ित हर दूसरा मरीज रात में नींद के दौरान सांस रुकने की बीमारी से जूझ रहा था। यह शोध ‘इंटरनेशनल जर्नल स्लीप एंड विजिलेंस’ में प्रकाशित हुआ है।

बीमारी के ग्रेड और बढ़ता खतरा

शोधकर्ताओं ने मरीजों को फैटी लिवर के अलग-अलग ग्रेड में बांटकर अध्ययन किया।
ग्रेड-1 फैटी लिवर वाले 34.4% मरीजों में स्लीप एपनिया पाया गया।
ग्रेड-2 फैटी लिवर के मरीजों में यह आंकड़ा बढ़कर 81.3% हो गया।
ग्रेड-3 फैटी लिवर में 77.8% मरीजों में सांस रुकने की समस्या देखी गई।

शुरुआती विश्लेषण (लॉजिस्टिक रिग्रेशन) में नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज और स्लीप एपनिया के बीच का रेशियो 7.85 पाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि जब रात में बार-बार सांस रुकती है, तो अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होती है। इससे फैटी लिवर की समस्या और भी तेजी से बढ़ती है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

-सोते समय अचानक दम घुटना या बहुत तेज खर्राटे आना।
-रातभर ठीक से नींद न आने की वजह से दिनभर सुस्ती और थकान महसूस होना।
-सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द बना रहना।
-लगातार वजन बढ़ना और अन्य शारीरिक समस्याएं।

फैटी लिवर और स्लीप एपनिया से कैसे करें बचाव?

-मोटापे को काबू में रखें और वजन कम करें।
-अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और फाइबर को जरूर शामिल करें।
-रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें और योग करें।
-जिन लोगों को खर्राटे या सांस रुकने की समस्या है, उन्हें पीठ के बल सोने के बजाय करवट लेकर सोना चाहिए।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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