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यूपी में व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर स्टाम्प शुल्क में भारी कटौती, अब देने होंगे मात्र 5,000 रूपये

लखनऊ: राज्य सरकार ने परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख (Gift Deed) पर स्टाम्प शुल्क में मिलने वाली छूट के दायरे को बढ़ा दिया है। अब इस राहत में व्यावसायिक (Commercial) और औद्योगिक (Industrial) संपत्तियों को भी शामिल कर लिया गया है। यानी अब किसी भी प्रकार की प्रापर्टी केवल 5 हजार रूपये में ही अपनों के नाम कर सकेंगे।

केवल ₹5,000 में होगा प्रॉपर्टी ट्रांसफर

अभी तक उत्तर प्रदेश में परिवार के भीतर अचल संपत्ति दान करने पर अधिकतम ₹5,000 स्टाम्प शुल्क की सुविधा सिर्फ आवासीय और कृषि योग्य भूमि तक ही सीमित थी। कैबिनेट के ताजा फैसले के बाद अब शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों की व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी यही नियम लागू होगा।

इससे पहले, ऐसी संपत्तियों के हस्तांतरण पर सर्किल रेट के अनुसार भारी स्टाम्प शुल्क (शहरों में करीब 7% और गांवों में 5%) चुकाना पड़ता था। अब दान विलेख के लिए अधिकतम सीमा ₹5,000 तय कर दी गई है, जिससे परिवारों को लाखों रुपये की बचत होगी।

विवादों में आएगी कमी, प्रक्रिया होगी पारदर्शी

प्रदेश के स्टाम्प तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि यह निर्णय पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करने के लिए लिया गया है। 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार पारिवारिक रिश्तों में प्रॉपर्टी दान पर फिक्स्ड स्टाम्प शुल्क की व्यवस्था शुरू की थी। अब इसे विस्तार देते हुए कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को जोड़ दिया गया है ताकि संपत्तियों के बंटवारे या हस्तांतरण को लेकर होने वाले कानूनी विवादों में कमी आए।

कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि यह छूट अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभावी हो जाएगी। साथ ही, रिश्तों की परिभाषा और अन्य प्रावधानों को भी और अधिक स्पष्ट किया गया है ताकि पंजीकरण के समय किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

कुशीनगर और झांसी को मिले नए निबंधक कार्यालय

कैबिनेट बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई:

  • कुशीनगर: तहसील कप्तानगंज में जर्जर हो चुके उप निबंधक कार्यालय के स्थान पर नए भवन के निर्माण हेतु 920 वर्गमीटर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने को हरी झंडी मिली।

  • झांसी: उप निबंधक कार्यालय सदर एवं अभिलेखागार के निर्माण हेतु पुरानी तहसील परिसर में 638 वर्गमीटर भूमि राजस्व विभाग से स्टाम्प विभाग को आवंटित की गई।

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Sunil Yadav

संपादक, और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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