मनरेगा में बदलाव के विरोध में सीतापुर के छह ब्लॉकों में मजदूरों का प्रदर्शन, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

वीबी ग्राम जी रद्द करो, 700 रुपये न्यूनतम मजदूरी दो — देशव्यापी हड़ताल में गूंजी सीतापुर के मजदूरों की मांग
सीतापुर, 15 मई। ग्रामीण एवं खेतिहर मजदूर यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के तहत सीतापुर जिले में समता किसान मजदूर संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नरेगा संघर्ष मोर्चा से जुड़े संगठनों के साथ मिलकर एलिया, पिसावां, महोली, खैराबाद, गोंदलामऊ और मिश्रिख ब्लॉक में प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
मजदूर विरोधी कानून तुरंत रद्द हो
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग नए कानून वीबी ग्राम जी को तत्काल रद्द करने की रही। मजदूरों का कहना है कि यह कानून उनके हितों के विरुद्ध है और इसके लागू होने के बाद से ही विरोध जारी है। साथ ही मांग रखी गई कि मनरेगा को पहले की तरह पूरी मजबूती से लागू किया जाए।
फेस हाजिरी बंद करो, पुरानी व्यवस्था लागू करो
मजदूरों ने फेस हाजिरी की अनिवार्यता खत्म कर पुरानी सरल हाजिरी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। साथ ही हर ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 300 दिन रोजगार और न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। मजदूरों ने कहा कि गांवों में जरूरत के अनुसार नए कार्य खोले जाएं ताकि पलायन रोका जा सके।
बीडीओ, एसडीएम और प्रधान को सौंपा ज्ञापन

एलिया, मछरेहटा और गोंदलामऊ में बीडीओ व एपीओ को ज्ञापन सौंपा गया, जबकि पिसावां और महोली के मजदूर साथियों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। कई गांवों में ग्राम प्रधानों को भी ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि वे ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाकर वीबी ग्राम जी रद्द करने का प्रस्ताव पारित करें। प्रदर्शन में रामबेटी, रोशन, रामकिशोर, बिटोली, जगन्नाथ, राजाराम, राधा, राजश्री, जसना, सरोजनी, शिवम, कौसर, विद्या सागर, रामसेवक, संतोष, ऊषा, लक्ष्मी समेत बड़ी संख्या में मजदूर साथी शामिल रहे।




