लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें खेती के लिए लोन (Loan) लेने के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही हफ्तों का इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘डिजिटल गवर्नेंस’ के चलते अब किसानों को ई-केसीसी (e-KCC) के माध्यम से महज 5 मिनट में ऋण मिल रहा है।
गुरुवार को लोकभवन में ‘राज्य ऋण संगोष्ठी’ और ‘स्टेट फोकस पेपर 2026-27’ का विमोचन करते हुए सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि पहले केसीसी (Kisan Credit Card) से लोन लेने में किसान को 25 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग जाता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो गई है।
डिजिटल गवर्नेंस से बदली तस्वीर
सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि सुशासन का असली मतलब यही है कि जनता को सुविधाएं आसानी से मिलें। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पहले की तुलना में 13 फीसदी ज्यादा है। सरकार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दे रही है। बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा के बाद यूपी इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
दिव्यांग और महिलाएं बनीं मिसाल
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी (CM Yogi) ने कुछ खास एफपीओ (Farmer Producer Organizations) की तारीफ की। उन्होंने कुशीनगर के ‘कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ’ का जिक्र किया, जिसे दिव्यांगजन संचालित करते हैं और इसमें 1,005 सदस्य हैं। इसके अलावा मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि इन महिलाओं ने सरसों के तेल की प्रोसेसिंग कर अच्छा मुनाफा कमाया है। यह पूरे प्रदेश के लिए एक ‘रोल मॉडल’ है।
‘बीमारू’ से ‘सरप्लस’ इकोनॉमी बना यूपी
प्रदेश की आर्थिक तरक्की का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि कभी यूपी को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, लेकिन आज यह देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन गया है। आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने बताया:
- 10 साल पहले देश की इकोनॉमी में यूपी का योगदान 8% था, जो अब बढ़कर 9.5% हो गया है।
- 2016 में यूपी की अर्थव्यवस्था 11.7 लाख करोड़ थी, जो इस साल 31 मार्च तक 36 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
- प्रति व्यक्ति आय 43 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये हो गई है।
- यूपी का सीडी रेशियो (CD Ratio) 43% से बढ़कर 61% हो चुका है।
शर्तें आसान करें बैंक
सीएम योगी (CM Yogi) ने बैंकरों से साफ शब्दों में अपील की कि वे ऋण देने की शर्तों को सरल बनाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ पॉलिसी बनाना काफी नहीं है, जमीन पर उसका असर दिखना चाहिए। किसानों, एमएसएमई (MSME) और एफपीओ को मदद देने के लिए बैंकों को सकारात्मक रुख अपनाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि जब छोटे और सीमांत किसानों को 5-6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसानी से लोन मिलेगा, तो वे साहूकारों के चंगुल से मुक्त होंगे और खेती में नई तकनीक अपना सकेंगे।
ओडीओपी (ODOP) ने दी नई पहचान
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने एमएसएमई सेक्टर की मजबूती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले एमएसएमई सेक्टर दम तोड़ रहा था, लेकिन ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने इसे संजीवनी दी है। आज यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स हैं और निर्यात 84 हजार करोड़ से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब यूपी के उत्पाद दुनिया भर में ब्रांड बन चुके हैं।
