लखनऊ: अटेवा पेंशन बचाओ मंच (Ateva Pension Bachao Manch), उत्तर प्रदेश की ओर से राजधानी लखनऊ में ‘तहरी भोज’ का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों, शिक्षकों ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। कर्मचारियों ने जोरदार तरीके से कहा सरकार को हर हाल में पुरानी पेंशन (OPS) बहाल करनी ही होगी। कर्मचारियों ने कहा नेता पांच पांच पेंशन ले रहे हैं और कर्मचारियों शिक्षकों व अर्द्धसैनिक को एक भी पेंशन ना देकर अन्याय किया जा रहा है।
‘सिर्फ 5% लोगों का बजट’
इस दौरान नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अटेवा यूपी के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह बजट लोअर मिडिल क्लास की पहुंच से पूरी तरह बाहर है। उन्होंने कहा, “बजट से शिक्षक, कर्मचारी और नौजवान सभी निराश हैं। यह बजट देश के आम आदमी का नहीं, बल्कि सिर्फ 5% अमीर लोगों के लिए है। सरकार का पूरा फोकस इन्हीं लोगों पर है, जबकि शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों की अनदेखी की गई है।”
वित्त मंत्री के बयान पर तंज
विजय बंधु ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस कथित बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें कहा गया था कि देश में कोई गरीब नहीं है और लोग सोना-चांदी खरीद रहे हैं। बंधु ने सवालिया लहजे में कहा, “अगर देश में कोई गरीब नहीं है, तो सरकार 80 करोड़ लोगों को 5 किलो मुफ्त राशन क्यों दे रही है? अगर सब अमीर हो गए हैं, तो गरीबों के लिए चलने वाली योजनाएं बंद क्यों नहीं कर दी जातीं?”
राष्ट्रवाद और पैरामिलिट्री फोर्स
सरकार की राष्ट्रवाद की परिभाषा पर सवाल उठाते हुए विजय बंधु ने कहा कि सच्चा राष्ट्रवाद तब साबित होगा जब देश की सुरक्षा में तैनात पैरामिलिट्री फोर्स (Paramilitary Forces) के जवानों को पुरानी पेंशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कागजों पर सरकार महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और है।
पेंशन को लेकर जारी रहेगी लड़ाई
विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने कहा, “नेताओं के मुद्दे जाति, धर्म और भाषा हो सकते हैं, लेकिन आम आदमी का मुद्दा शिक्षा, इलाज और पुरानी पेंशन है। हम उसी को वोट करेंगे जो हमारे बुढ़ापे की लाठी यानी पेंशन की बात करेगा।” उन्होंने बिजनौर में 15 तारीख को एक बड़े आंदोलन का ऐलान भी किया।
अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि बजट में पुरानी पेंशन,आठवें वेतन आयोग और निजीकरण की समाप्ति पर कोई घोषणा न होने से शिक्षक, कर्मचारियों और अर्द्धसैनिक बलों में मायूसी है।
डिप्लाेमा फार्मेसिस्ट संघ के वरिष्ठ नेता डॉ. सुनील यादव और उत्तर प्रदेश चतुर्थ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राम राज दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कल लाए गए बजट में शिक्षक, कर्मचारी, अर्धसैनिक बलों की पुरानी पेंशन बहाली, आठवें वेतन आयोग, निजीकरण की समाप्ति समेत कई अन्य मांगों पर कोई घोषणा न होने असंतोष है।
लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह व राम मूरत यादव ने कहा कर्मचारी और शिक्षक सरकार और जनता के बीच की रीढ़ है। वह विकास की सारी सरकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाकर आम जनमानस तक पहुंचाते है इस वर्ग पर ध्यान न देकर सरकार ने इस वर्ग की उपेक्षा की है।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में अटेवा के प्रदेश महासचिव नीरजपति त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार और डॉ. सुनील यादव सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी नेताओं सहित लोक निर्माण, प्राथमिक शिक्षक व माध्यमिक शिक्षक संघ, सिंचाई कर्मचारी संघ, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ, उ0प्र 0चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य विभाग, कलेक्ट्रेट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन समेत कई अन्य कर्मचारी संगठनों के नेता उपस्थित रहे।
