4 मेडिकल कॉलेजों में 70% आरक्षण बहाली की मांग: लखनऊ के परिवर्तन चौक पर DADA का विशाल प्रदर्शन, यूपी बंद की चेतावनी

लखनऊ। स्पेशल कम्पोनेंट प्लान (SCP) के तहत उत्तर प्रदेश में स्थापित चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 70% विशेष आरक्षण व्यवस्था को दोबारा लागू कराने की मांग को लेकर छात्रों और डॉक्टरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को डॉक्टर अम्बेडकर डॉक्टर्स एसोसिएशन (DADA) के आह्वान पर लखनऊ के परिवर्तन चौक पर मेडिकल छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने एकत्रित होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी संवैधानिक हकदारी बहाल नहीं की, तो यह आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राज्यव्यापी और देशव्यापी आंदोलन में बदला जाएगा।
क्या है पूरा विवाद?
अम्बेडकर नगर, जालौन, कन्नौज और सहारनपुर राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के तहत की गई थी, जहां शुरुआत से ही अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए 70% विशेष आरक्षण का प्रावधान रहा है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मौजूदा सत्र में सरकार ने पहले 70% आरक्षण के आधार पर प्रथम चरण की काउंसिलिंग संपन्न कराई। इसके बाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में यूथ फॉर इक्वैलिटी और एक अभ्यर्थी द्वारा याचिका दाखिल की गई, जिसमें सरकार के उस पुराने हलफनामे का हवाला दिया गया जिसमें सत्र 2026 से 21% सामान्य आरक्षण लागू करने की बात कही गई थी।
16 सितंबर की सुनवाई में हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक सामान्य आरक्षण नियमों के तहत काउंसिलिंग कराने का निर्देश दिया। इसके बाद दोबारा काउंसिलिंग के आदेश जारी होने और लगातार बदलते नियमों से चयनित छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।

प्रदर्शन के दौरान उठाई गईं प्रमुख मांगें
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70% विशेष आरक्षण की बहाली: अम्बेडकर नगर, जालौन, कन्नौज और सहारनपुर के चारों राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पूर्ववत 70% आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए और इसे वैधानिक संरक्षण दिया जाए।
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सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी: हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार तुरंत सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल करे।
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प्रथम चरण के छात्रों का संरक्षण: जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी न हो, तब तक अंतरिम व्यवस्था बनाकर प्रथम काउंसिलिंग में चयनित हो चुके छात्रों के प्रवेश और शैक्षणिक हितों की पूरी सुरक्षा की जाए।
नेतृत्व और आंदोलनकारियों का रुख
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संस्था के संरक्षक डॉ. जितेन्द्र सरोज ने कहा कि वंचित वर्ग के शैक्षणिक अधिकारों पर किसी भी तरह का कुठाराघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को इन मेडिकल कॉलेजों के विशेष दर्जे का सम्मान करते हुए आरक्षण व्यवस्था को कानूनी रूप से सुरक्षित करना होगा।
DADA के अध्यक्ष डॉ. देवांश ने कहा कि प्रशासनिक ढिलाई और अदालत में लचर पैरवी के कारण सैकड़ों होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। सरकार को तुरंत शीर्ष अदालत का रुख करना चाहिए।
वहीं डॉ. विक्रम गौतम ने चेताया कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो समाज सड़कों पर उतरेगा और जरूरत पड़ने पर पूरे उत्तर प्रदेश का चक्का जाम किया जाएगा।
इस विशाल विरोध-प्रदर्शन में डॉ. दुर्गेश, डॉ. राना, डॉ. अजीत भास्कर, सचिव डॉ. अतुल सोनकर, डॉ. बबलू, डॉ. हिमांशु, डॉ. अंशुमान सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र प्रतिनिधि, अभिभावक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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