क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मामला, जिसके लिए केरलम सरकार ने दोबारा जांच के दिए आदेश

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली:
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केरल सरकार के गृह विभाग ने वर्ष 2006 के एक पुराने मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को दोबारा प्राथमिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। यह मामला विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार और एक मलेशियाई प्रोजेक्ट इंजीनियर की संदिग्ध आत्महत्या से जुड़ा है, जिसमें तत्कालीन पीडब्ल्यूडी सचिव ज्ञानेश कुमार का नाम सामने आया था।
क्या है 2006 का पूरा मामला?
केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार 2006 में राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पद पर तैनात थे। उस दौरान विश्व बैंक पोषित केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत करीब ₹216 करोड़ की लागत से राज्य के प्रमुख राजमार्गों (एमसी रोड सहित) के उन्नयन का काम इंडो-मलेशियाई संयुक्त उपक्रम PATI-BEL को सौंपा गया था।
जमीन अधिग्रहण में देरी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण निर्माण कार्य तय समय से काफी पिछड़ गया था। इसी बीच नवंबर 2006 में कंपनी के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर और मलेशियाई नागरिक ली सी बीन (Lee See Been) ने आत्महत्या कर ली।
आरोप है कि मृतक इंजीनियर ने अपने सुसाइड नोट में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी सचिव ज्ञानेश कुमार का नाम दर्ज किया था और यह आरोप लगाया था कि काम के बिलों और भुगतान की मंजूरी के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पुरानी जांच और राजनीतिक घटनाक्रम
इंजीनियर की मौत और रिश्वत के आरोपों के बाद केरल की राजनीति में बड़ा भूचाल आया था। तत्कालीन वामपंथी (LDF) सरकार ने ज्ञानेश कुमार को पीडब्ल्यूडी सचिव के पद से हटा दिया था। इसके बाद सतर्कता जांच बैठाई गई, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और क्षेत्राधिकार के पेच के चलते जांच किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। बाद में ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चले गए और यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब दोबारा जांच के आदेश क्यों?
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि कांग्रेस नेता मलयांकीझु वेणुगोपाल की ओर से एक नई शिकायत मिली थी। शिकायत में दावा किया गया कि 2006 की सतर्कता जांच को बाहरी और राजनीतिक दबाव के चलते प्रभावित कर दबा दिया गया था।
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के साथ समीक्षा बैठक के बाद सतर्कता ब्यूरो को पूरे मामले, सुसाइड नोट और पुरानी जांच में हुई लापरवाहियों की नए सिरे से विस्तृत प्राथमिक जांच करने के निर्देश दिए हैं।
देशभर में पहले से जारी है सियासी घमासान
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह जांच ऐसे समय शुरू की जा रही है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर वे पहले से ही विपक्षी दलों के निशाने पर हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई की सड़कों तक विपक्षी दल उनके इस्तीफे की
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