केजीएमयू के डॉक्टरों ने संक्रमित घुटने की जटिल सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला को दी नई जिंदगी

KGMU के डॉक्टरों ने किया संक्रमित घुटने का जटिल ऑपरेशन, चौथी सर्जरी में मिली सफलता

लखनऊ। केजीएमयू किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(KGMU) के डॉक्टरों ने 65 वर्षीय महिला के संक्रमित घुटने की अत्यंत जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इससे पहले मरीज के तीन ऑपरेशन असफल रहे थे, लेकिन केजीएमयू की टीम ने दो चरणों में की गई सर्जरी से संक्रमण से निजात मिल गई है। इसके साथ ही दर्द में भी राहत मिल गई है।

कुशीनगर निवासी शांति देवी (65) ने कुछ समय पहले घुटना प्रत्यारोपण कराया था। करीब एक वर्ष बाद उनके घुटने में गंभीर संक्रमण हो गया और चलना-फिरना मुश्किल हो गया। पहले कुशीनगर और फिर गोरखपुर के निजी अस्पतालों में तीन बार ऑपरेशन हुआ, लेकिन पस और संक्रमण नहीं रुका। लगातार असफल ऑपरेशनों से मरीज और परिजन दोनों निराश हो चुके थे।

दो चरणों में हुई सर्जरी से मिली नई उम्मीद

थक-हारकर परिजन शांति देवी को लेकर लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) के हड्डी रोग विभाग पहुंचे, जहां डॉ. नरेंद्र कुशवाहा ने केस की गंभीरता देखते हुए दो चरणों में ऑपरेशन की योजना बनाई।

डॉ. कुशवाहा ने बताया कि “पहले चरण में संक्रमित इम्प्लांट हटाकर एंटीबायोटिक सीमेंट स्पेसर लगाया गया, जिससे संक्रमण पूरी तरह समाप्त हो गया। दूसरे चरण में टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। चौथी और अत्यंत जटिल सर्जरी होने के बावजूद ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा।” अब शांति देवी बिना सहारे और वॉकर के आराम से चल पा रही हैं। उन्होंने लगभग एक साल तक दर्द और संक्रमण झेला, लेकिन अब वे स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।

डॉ. नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बताया कि सही समय पर सही इलाज, टीमवर्क और मरीज के भरोसे ने हमें यह सफलता दिलाई। हमारा लक्ष्‍य है कि हर मरीज मुस्‍कुराते हुए अस्‍पताल से जाए।

ऑपरेशन टीम में शामिल रहे

इस सफल सर्जरी में डॉ. नरेंद्र सिंह कुशवाहा के साथ एनस्थीसिया विभाग की डॉ. हेमलता समेत कई अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही।

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