Health

KGMU में अवैध मजारों पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन ने दिया 15 दिन में जमीन खाली करने का ‘अल्टीमेटम’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) प्रशासन ने परिसर के भीतर हुए अवैध धार्मिक अतिक्रमण (मजारों) को लेकर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में बनी मजारों के संचालकों को कानूनी नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर खुद अतिक्रमण हटाने का कड़ा आदेश दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समय सीमा बीतने के बाद बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के भूमि अधिग्रहण विभाग के नोडल अधिकारी प्रो. के.के. सिंह की ओर से 23 जनवरी 2026 को सख्त लहजे में दो नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई केजीएमयू की कुलपति के निर्देश पर की जा रही है

इन दो जगहों पर है अवैध कब्जा

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पीछे बनी मजार, नवीन बॉयज हॉस्टल (TG हॉस्टल) परिसर के भीतर की जमीन पर बनी मजार, शताब्‍दी फेज 2 के पास बनी मजार, रेस्‍पीरेटरी मेडिसिन विभाग में बनी मजार, स्‍त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्‍वीन मेरी हॉस्पिटल) में बनी मजार और आर्थोपेडिक विभाग परिसर में बनी मजार व अन्‍य मजारों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। 

15 दिन की मोहलत और सख्त चेतावनी

नोटिस में प्रशासन ने बेहद गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं। प्रशासन का कहना है कि इन अवैध मजारों के कारण बाहरी और अराजक तत्वों की भीड़ जुटती है, जिससे अस्पताल का शांत वातावरण खराब होता हैसबसे अहम बात यह है कि इससे परिसर में रहने वाली महिला कर्मचारियों, रेज़िडेंट डॉक्टरों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है

प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों को स्पष्ट शब्दों में अंतिम चेतावनी’ दी हैनोटिस में कहा गया है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अतिक्रमणकर्ता अपने खर्चे पर मजारों को हटा लें और जमीन को उसकी मूल अवस्था में प्रशासन को सौंप दें

मजार वालों से की जाएगी वसूली

केजीएमयू प्रशासन ने ने कहा है कि तय समय सीमा में जगह खाली नहीं की गई, तो विश्वविद्यालय प्रशासन पुलिस बल के साथ मिलकर ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई करेगायही नहीं, मजार को तोड़ने में आने वाला पूरा खर्च, पुलिस बल की तैनाती का खर्च और अन्य हर्जाना अतिक्रमणकर्ताओं से ही वसूला जाएगा 

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने इसकी सूचना लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) को भी भेजी है। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button