लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) परिसर स्थित सभागार में शनिवार को ‘संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ’ की एक महत्वपूर्ण आम सभा संपन्न हुई। बैठक में हजारों की संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की और शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।
निगम गठन में देरी से कर्मचारी नाराज
कर्मचारियों ने मुख्य रूप से प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित ‘निगम’ के गठन में हो रही देरी पर चिंता जताई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा निगम बनाने की घोषणा किए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसे मूर्त रूप नहीं दिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन निगम बनने का हवाला देकर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और अन्य लाभों को भी रोक रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
एजेंसियों द्वारा शोषण का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक माह के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे। वहीं, महामंत्री मनोज ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी सहयोग की बात तो करते हैं, लेकिन कार्य के समय उनका रवैया ‘निरंकुश’ हो जाता है। उन्होंने कहा कि सेवा प्रदाता एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के वेतन में कटौती और प्रताड़ना की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और अवकाश की मांग
संगठन ने एक स्वर में मांग की कि जल्द से जल्द निगम का गठन हो, वेतन बढ़ाया जाए और अवकाश जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं लागू की जाएं। इसके साथ ही महिला कर्मचारियों के कार्यस्थल पर हितों की रक्षा और किसी भी तरह के शोषण को रोकने के लिए संगठन ने हर स्तर पर लड़ने का संकल्प लिया।
बैठक में मुख्य रूप से कार्यवाहक अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, सतीश चौहान, मनोज सिंह, बसंत, पाठक, विकास, आराधना, लक्ष्मी, काजल, रंजना, राहुल, शैलेंद्र, संदीप, गीतेश, सचिन और सुनील सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
