लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टर के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के सनसनीखेज मामले में लखनऊ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक के करीबी सहयोगी शारिक खान को गिरफ्तार कर लिया है। शारिक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पीलीभीत से हुई गिरफ्तारी
चौक कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर पीलीभीत के न्योरिया क्षेत्र से शारिक खान को धर दबोचा है। जांच में सामने आया है कि शारिक न केवल डॉ. रमीज का पुराना दोस्त है, बल्कि उसने पीड़ित महिला डॉक्टर के जबरन निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया में मुख्य गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे।
फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश भागने की फिराक
पुलिस जांच के अनुसार, शारिक खान डॉ. रमीज के धर्मांतरण सिंडिकेट का एक सक्रिय हिस्सा था। वह पीड़िताओं के नाम बदलने के लिए कूटरचित (Fake) दस्तावेज तैयार करवाने में माहिर था। गिरफ्तारी के डर से वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और हाल ही में उसने अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया था। पुलिस का दावा है कि यदि समय रहते उसे नहीं पकड़ा जाता, तो वह देश छोड़कर विदेश भागने की योजना बना चुका था।
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मोबाइल डेटा से खुलेंगे राज
पुलिस ने शारिक के पास से कई अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले उसने अपने मोबाइल से काफी डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि डेटा रिकवरी के बाद इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य पीड़ितों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक पहले से ही जेल में है, जबकि रमीज के माता-पिता को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस अब मामले में शामिल फरार काजी की तलाश में छापेमारी कर रही है।
