श्री राम मंदिर को मिला ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG’ प्रमाणपत्र
114 में से 103 अंक हासिल कर ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में आया श्री राम मंदिर, अयोध्या के छह पूजा स्थलों को मिला प्रमाणपत्र, दो वर्ष तक मान्य रहेगा

अयोध्या, 10 अक्टूबर। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG (Blissful Hygienic Offering to God)’ प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। श्री राम मंदिर ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित मानकों के मूल्यांकन में 114 में से 103 अंक हासिल कर ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में स्थान बनाया है। अयोध्या के कुल छह पूजा स्थलों को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सेवा ट्रस्ट के संयोजन में आयोजित प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) की विशेष सचिव और अपर आयुक्त रेखा चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।
सुरक्षित प्रसाद की गुणवत्ता पर FSSAI की मुहर
विशेष सचिव रेखा चौहान ने बताया कि FSSAI के ‘ईट राइट’ अभियान के तहत देश के विभिन्न मंदिरों और गुरुद्वारों को ‘प्लेस ऑफ वर्शिप’ प्रमाणपत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इसके तहत पूजा स्थलों पर तैयार और वितरित किए जाने वाले प्रसाद की खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता का निर्धारित मानकों के अनुरूप ऑडिट किया जाता है। मूल्यांकन के बाद FSSAI की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि सामान्यत: प्रमाणपत्र ऑनलाइन भी प्रदान किए जाते हैं, लेकिन श्री राम मंदिर की विशेष महत्ता को देखते हुए FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपनी टीम के साथ स्वयं अयोध्या पहुंचे। मंदिर में खाद्य संचालकों (Food Handlers) को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया और मंदिर निर्धारित मानकों पर खरा उतरा।
‘प्रसाद केवल भोजन नहीं, गरिमा का प्रतीक’
FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी ने कहा कि ‘सुरक्षित है, तो खाद्य है’ ईट राइट अभियान का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र में आना उनके लिए विशेष सौभाग्य की बात है। प्रसाद केवल भोजन नहीं, बल्कि आस्था और गरिमा का प्रतीक है। श्रद्धालुओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन को बढ़ावा देने के लिए ईट राइट अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों को भी प्रमाणित किया जा रहा है। पूजा स्थलों के लिए भी इसी क्रम में प्रमाणन की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
पांच चरणों से गुजरता है BHOG प्रमाणन
‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG’ प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए पूजा स्थल को पांच चरणों की प्रक्रिया से गुजरना होता है। पहले चरण में संबंधित पूजा स्थल के पास FSSAI का वैध लाइसेंस अथवा पंजीकरण होना और उसका प्रमुखता से प्रदर्शन आवश्यक है।
दूसरे चरण में अधिकृत ऑडिटर द्वारा पूजा स्थल की रसोई, भंडारण क्षेत्र और भोजन कक्ष का प्रथम ऑडिट किया जाता है। तीसरे चरण में वहां कार्यरत फूड सेफ्टी सुपरवाइजरों को FoSTaC (Food Safety Training and Certification) का प्रशिक्षण दिया जाता है।
चौथे चरण में ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ चेकलिस्ट के 47 मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। कुल 114 अंकों में प्राप्त स्कोर के आधार पर प्रमाणन की अनुशंसा होती है। पांचवें और अंतिम चरण में FSSAI की स्वीकृति के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
100 से अधिक अंक पर ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी
मूल्यांकन के दौरान प्रत्येक मानक को अनुपालित, गैर-अनुपालित, आंशिक अथवा लागू नहीं के आधार पर आंका जाता है। सामान्य मानकों के दो-दो अंक निर्धारित हैं, जबकि 10 महत्वपूर्ण मानकों के चार-चार अंक हैं।
100 से 114 अंक प्राप्त करने वाले पूजा स्थल ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में आते हैं। 91 से 99 अंक प्राप्त करने वाले स्थल ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखे जाते हैं। दोनों श्रेणियों के पूजा स्थलों को प्रमाणपत्र के लिए अनुशंसित किया जाता है। वहीं, 77 से 90 अंक प्राप्त करने पर ‘सुधार आवश्यक’ श्रेणी में रखते हुए दोबारा ऑडिट किया जाता है, जबकि 77 से कम अंक होने पर दोबारा आवेदन करना होता है।
अयोध्या के छह पूजा स्थलों को प्रमाणपत्र
अयोध्या में कुल छह पूजा स्थलों को ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-BHOG’ प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इनमें श्री राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, जैन मंदिर और देवकाली शामिल हैं।
FSSAI की प्रबंधक अनन्या पाण्डेय ने बताया कि श्री राम मंदिर का मूल्यांकन 47 मानकों पर कुल 114 अंकों के आधार पर किया गया। मंदिर को 103 अंक प्राप्त हुए और उसे ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में प्रमाणित किया गया।
दो वर्ष तक मान्य रहेगा प्रमाणपत्र
BHOG प्रमाणपत्र की वैधता दो वर्ष की होगी। इस अवधि के दौरान राज्य और केंद्र के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाएगा। इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आंतरिक ऑडिट टीम भी निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर हर पखवाड़े समीक्षा करेगी।
‘स्वच्छता ईश्वरत्व के समान’
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सेवा ट्रस्ट के महासचिव पी. गोविन्द देव गुरूजी ने कहा कि “स्वच्छता ईश्वरत्व के समान है।” उन्होंने कहा कि जैसा अन्न होता है, वैसा ही मन और जीवन पर उसका प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद में भी आहार के महत्व पर लगातार जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आहार जीवन का अभिन्न हिस्सा है और जब वही आहार किसी मंदिर से प्रसाद के रूप में प्राप्त होता है तो उसकी शुद्धता और महत्व और बढ़ जाता है। इसलिए प्रसाद का निर्माण और वितरण दोनों ही पूरी शुद्धता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी कार्य को स्वयं अच्छा करना संतोष देता है, लेकिन जब किसी योग्य संस्था द्वारा उसकी गुणवत्ता को प्रमाणित किया जाता है तो यह गौरव की बात होती है। FSSAI का प्रमाणपत्र मंदिर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में FSSAI की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी, एक्सक्यूटिव डायरेक्टर उमाशंकर ध्यानी, एक्सक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. अमित शर्मा, रीजनल डायरेक्टर देवेश कुमार महला और प्रबंधक अनन्या पाण्डेय मौजूद रहे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सेवा ट्रस्ट की ओर से महासचिव पी. गोविन्द देव गुरूजी, श्री कृष्णा मोहनजी, श्री दिनेन्द्र दास जी निर्मोही, श्री मदन मोहनजी पाण्डेय और सचिव श्री जगदीश अफाले सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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