69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने चंद्रशेखर आजाद से लगाई गुहार

लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से गुहार लगाते हुए न्यायालय में सुनवाई के लिए आवाज उठाये जाने की मांग की। चंद्रशेखर आजाद सोमवार को अटल बिहारी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को सम्बोधित करने लखनऊ आये थे। कन्वेंशन सेंटर के बाहर खड़े आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने पोस्टर दिखा कर अपनी बात रखी।
अभ्यर्थियों ने नारे लगाते हुए कहा-पिछड़े दलित की यही पुकार नियुक्ति हमको दे सरकार, योगी जी अब न्याय कीजिए पिछड़े दलितों पर रहम कीजिए आदि नारे लगाएं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ताने बताया वर्ष 2018 में 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। आरोप है कि जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने एक फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था। लेकिन कुछ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गये तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
धन्यजय गुप्ता ने कहा कि हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पिछले लगभग छह वर्ष से लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं सरकार से मांग करते हैं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जा रही। सुनवाई न होने से सभी अभ्यर्थी आहत हैं।
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