आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई : ब्रजेश पाठक

आयुष्मान योजना में अच्छा काम करने वाले अस्पतालों को मिला सम्मान
Lucknow: गरीब मरीजों के इलाज के लिए चल रही आयुष्मान भारत योजना (PMJAY ) में अब गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस और बढ़ेगा। योजना के तहत मरीजों को बेहतर उपचार मिले और पात्र परिवार आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित न रहें, इसके लिए अस्पतालों की निगरानी से लेकर क्लेम की जांच तक व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘आयुष्मान संवाद’ कार्यक्रम में यह बात कही।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में पाठक ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने वाली महत्वपूर्ण योजना है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर पात्र परिवार को इसका लाभ दिलाना है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता, फायर सेफ्टी, डॉक्टरों की उपलब्धता और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की व्यवस्था पर विशेष निगरानी की जा रही है। योजना में होने वाले संदिग्ध क्लेम और अनियमितताओं की पहचान के लिए डाटा एनालिटिक्स, फील्ड ऑडिट और तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत किया गया है।
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे संस्थानों पर निलंबन, डी-एम्पैनलमेंट, आर्थिक दंड और रिकवरी जैसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अस्पताल सरकार के सहयोगी हैं, लेकिन गरीब मरीज के अधिकार से समझौता स्वीकार नहीं होगा।
उन्होंने आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र लोगों से कार्ड बनवाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी, सचिव रितु माहेश्वरी, साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आयुष्मान के क्रियान्वयन में बलरामपुर अस्पताल अव्वल

गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं के बेहतर संचालन में बलरामपुर अस्पताल ने प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बलरामपुर अस्पताल को प्रदेश में सर्वोच्च स्थान मिला है। अस्पताल को योजना के तहत प्री-ऑथराइजेशन और क्लेम इंसेंटिव के प्रभावी उपयोग के लिए सम्मानित किया गया।
आयुष्मान भारत योजना के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच वर्ष पूरे होने पर बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय ‘आयुष्मान संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण हेकाली झिमोमी, सचिव ऋतु माहेश्वरी और साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बलरामपुर अस्पताल की ओर से निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीकेएस चौहान और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने सम्मान ग्रहण किया। डॉ. चौहान ने कहा कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को बिना आर्थिक बाधा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। अस्पताल में प्री-ऑथराइजेशन और क्लेम निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रखी गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय चिकित्सकों और कर्मचारियों की मेहनत को दिया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान सम्मानित
आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को सम्मानित किया गया है। स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS), की ओर से संस्थान को दो अलग-अलग श्रेणियों में यह सम्मान दिया गया। संस्थान ने सरकारी अस्पतालों की श्रेणी में आयुष्मान लाभार्थियों के इलाज के लिए प्रदेश में सबसे अधिक प्री-ऑथराइजेशन किए हैं। अब तक 57 हजार से अधिक मरीजों के उपचार के लिए प्री-ऑथराइजेशन किया जा चुका है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने के लिए भी संस्थान को विशेष पहचान मिली है। लोहिया संस्थान प्रदेश का एकमात्र सरकारी संस्थान है, जिसे आयुष्मान भारत के तहत दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ है। निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह ने उपलब्धि पर चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
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