
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में 13 जनवरी (मंगलवार) को प्रस्तावित कार्य बहिष्कार और हड़ताल फिलहाल टल गई है। इससे दूर-दराज से आने वाले हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिली है। यह निर्णय सोमवार शाम कुलपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुई अहम बैठक के बाद लिया गया।
लव जिहाद मामले की जांच अब STF करेगी
KGMU में चल रहे धर्मांतरण (Conversion) के विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। लगातार चल रहे बवाल के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा तलब किए जाने के बाद वीसी प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि धर्मांतरण का विषय बेहद संवेदनशील और विस्तृत है। यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच क्षमता के बाहर है, इसलिए अब इस पूरे मामले की जांच एसटीएफ से कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कुलपति कार्यालय की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, हड़ताल स्थगित
कुलपति की सीएम से मुलाकात के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल सभी शिक्षक, रेजिडेंट, नर्सिंग और कर्मचारी संघों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में कुलपति ने संघों को सीएम के निर्देशों से अवगत कराया और 9 जनवरी को हुई अराजकता व तोड़फोड़ के मामले में FIR दर्ज कराने का लिखित आश्वासन दिया है।
इस आश्वासन के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 13 जनवरी को होने वाले OPD और कार्य बहिष्कार को अगले 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया है।
14 जनवरी से हो सकता है पूर्ण कार्य बहिष्कार
कर्मचारी संघों ने अपने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन अपने वादे के मुताबिक 24 घंटे के भीतर (13 जनवरी तक) तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं कराता है, तो 14 जनवरी 2026 से सभी संगठन संयुक्त रूप से कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे।

फिलहाल, 13 जनवरी को ओपीडी (OPD) और अन्य सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। KGMU प्रशासन पर अब जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करने का दबाव है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
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