सील अस्पतालों को नए नाम से चलाने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सख्त, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ, कानपुर और उन्नाव में पूर्व में सील किए गए अस्पतालों को नए नाम से संचालित करने और मरीजों से अवैध वसूली के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और खबरों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच, एक हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से एक तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया जाए। यह टीम पूरे मामले की गहन जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट (आख्या) के साथ-साथ दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई का प्रस्ताव भी उपलब्ध कराया जाए।
मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
उप मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग और सरकार की छवि को धूमिल करने वाले, मानकविहीन और सील किए गए अस्पतालों का अवैधानिक संचालन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों का शोषण करने और कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। सील अस्पतालों को नए नाम से चलाने, मरीजों से अवैध वसूली करने और इस पूरे गोरखधंधे में शामिल सभी लोगों के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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