रायबरेली में खुलेगा नया उद्यान महाविद्यालय, 50 करोड़ की लागत से होगा तैयार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी शिक्षा (Horticulture Education) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रायबरेली जनपद में एक नया ‘उद्यान महाविद्यालय’ स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।
इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है। यह नया महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (CSA), कानपुर के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा।
ग्राम पड़ेरा में चिन्हित की गई है जमीन
उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए रायबरेली के जिलाधिकारी द्वारा सदर तहसील के ग्राम पड़ेरा में जमीन चिन्हित की गई थी। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, यहां उपलब्ध कुल 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर जमीन कृषि शिक्षा विभाग को बिना किसी शुल्क के दी जाएगी। इस पूरी परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ इ
स नए महाविद्यालय के खुलने से रायबरेली सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में आधुनिक कृषि तकनीकों और अनुसंधान को नई मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस कदम से प्रदेश में औद्यानिक शिक्षा का विस्तार होगा और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के नए और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
यूपी में तेजी से बढ़ रहा कृषि शिक्षा का दायरा
कृषि मंत्री ने प्रदेश में कृषि शिक्षा के मौजूदा ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में यूपी में कई प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय संचालित हैं:
- चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या
- बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा
- सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ
- सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज (निजी क्षेत्र)
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देने के लिए कुशीनगर में ‘महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय’ की स्थापना का कार्य भी तेजी से चल रहा है। प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग पहले से संचालित हैं, और अब रायबरेली में अलग से उद्यान महाविद्यालय खुलने से इस क्षेत्र में शोध और रोजगार की अपार संभावनाएं पैदा होंगी।




