लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूपी नीट यूजी-2026 (UP NEET UG-2026) की प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGME) ने अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
काउंसिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के लिए ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और ‘फ्री एग्जिट’ जैसी अहम सुविधाएं दी गई हैं। केवल नीट यूजी-2026 प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही विभागीय वेबसाइट https://upneet.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।
खुद का मोबाइल नंबर और बैंक खाता है जरूरी
महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सख्त हिदायत दी है कि वे पंजीकरण (Registration) करते समय अपने स्वयं के मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का ही उपयोग करें।
- काउंसिलिंग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं इसी नंबर और ई-मेल पर भेजी जाएंगी।
- धरोहर धनराशि (Security Money) का भुगतान भी अभ्यर्थी अपने ही बैंक खाते से करें।
- काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद रिफंड की प्रक्रिया उसी बैंक खाते में की जाएगी जिससे भुगतान हुआ है। इसे शिक्षण शुल्क में समायोजित नहीं किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन शुल्क और सिक्योरिटी मनी (Security Money)
काउंसिलिंग में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भुगतान करना अनिवार्य होगा:
- पंजीकरण शुल्क: ₹2,000 (यह नॉन-रिफंडेबल होगा)।
- राजकीय (सरकारी) मेडिकल/डेंटल सीटें: ₹30,000 सिक्योरिटी मनी।
- निजी (प्राइवेट) मेडिकल सीटें: ₹2,00,000 सिक्योरिटी मनी।
- निजी (प्राइवेट) डेंटल सीटें: ₹1,00,000 सिक्योरिटी मनी।
- जो अभ्यर्थी सरकारी और प्राइवेट (मेडिकल व डेंटल) दोनों सीटों के लिए काउंसिलिंग में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें अधिकतम ₹2 लाख जमा करने होंगे।
- बिना सिक्योरिटी मनी जमा किए च्वाइस फिलिंग (Choice Filling) नहीं की जा सकेगी।
आरक्षण प्रमाण-पत्रों (Reservation Certificates) के नियम
डीजीएमई ने आरक्षण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं:
- ओबीसी (OBC) और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण-पत्र 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद का बना होना अनिवार्य है।
- सभी प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर और यूपी के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी होने चाहिए। भारत सरकार का प्रारूप मान्य नहीं होगा।
- अन्य राज्यों के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश में ‘अनारक्षित (General)’ श्रेणी में माना जाएगा।
- दिव्यांगों (PwD) के लिए DGHS द्वारा अधिकृत केंद्रों से जारी प्रमाण-पत्र ही मान्य होंगे।
पहले चरण में ‘फ्री एग्जिट’ (Free Exit) की सुविधा
अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रथम चरण में ‘फ्री एग्जिट’ का विकल्प दिया गया है। यदि किसी अभ्यर्थी को पहले चरण में सीट आवंटित (Allot) हो जाती है, लेकिन वह उस पर प्रवेश नहीं लेना चाहता, तो वह नियमानुसार फ्री एग्जिट ले सकता है। ऐसे अभ्यर्थी द्वितीय या तृतीय चरण की काउंसिलिंग में दोबारा भाग ले सकेंगे।
च्वाइस फिलिंग और एडमिशन प्रक्रिया
- दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): पंजीकरण के समय अभ्यर्थी किसी एक नोडल सेंटर का चयन करेंगे और अपने सभी जरूरी प्रमाण-पत्र (मार्कशीट, डोमिसाइल आदि) ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
- च्वाइस लॉक (Choice Lock): मेडिकल/डेंटल कॉलेजों का चयन अपनी प्राथमिकता के आधार पर करें। च्वाइस भरने के बाद उसे ‘लॉक’ करना अनिवार्य है। इसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
- प्रवेश प्रक्रिया: सरकारी कॉलेजों में आवंटित अभ्यर्थियों का एडमिशन सीधे संबंधित कॉलेज में होगा। वहीं, प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन शासन द्वारा तय किए गए नोडल सेंटर पर ही संपन्न कराया जाएगा।




