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LDA करेगा सुशांत गोल्फ सिटी का टेकओवर, 5000 परिवारों को मिलेंगे घर

लखनऊ। लखनऊ में अंसल सुशांत गोल्फ सिटी (Sushant Golf City) के हजारों होम बायर्स के लिए बेहद अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को यूपी कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इसमें अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूरा करने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।

अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) इस प्रोजेक्ट को टेकओवर करेगा। इस फैसले से मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की धोखाधड़ी और अनियमितताओं का शिकार हुए करीब 5,000 होम बायर्स को बड़ी राहत मिलेगी।

NCLT में रखा जाएगा टेकओवर का प्रस्ताव

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब माननीय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने प्रोजेक्ट को पूर्ण करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

प्रारंभिक आंकलन के मुताबिक, प्रोजेक्ट की संभावित देनदारी लगभग 2,912 करोड़ रुपये है। हालांकि, वास्तविक देनदारी का निर्धारण IRP (इंट्रिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) की प्रक्रिया से होगा। इसके भुगतान के लिए यूपी सरकार एलडीए को ‘सीड कैपिटल’ (Seed Capital) के रूप में फंड उपलब्ध कराएगी। बाद में नए भूखंडों की बिक्री और अन्य आय से यह पैसा सरकार को लौटाया जाएगा। टाउनशिप के अधूरे काम पूरे करने और निवेशकों की देनदारी चुकाने पर कुल 5,000 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

वैध आवंटियों (Valid Allottees) को मिलेंगे प्लॉट और भवन

एलडीए के इस टेकओवर से होम बायर्स के हितों की पूरी तरह रक्षा होगी। जिन खरीदारों के पक्ष में अंसल रजिस्ट्री कर चुका है, उन्हें नियमानुसार भवन या भूखंड दिए जाएंगे। जो भी वैध आवंटी हैं, उनके प्लॉट सुरक्षित रहेंगे। इससे वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों का सपना पूरा होगा।

अंसल का बड़ा फर्जीवाड़ा: LDA ने दर्ज कराई FIR

मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली जांच समिति में अंसल के बड़े फर्जीवाड़े सामने आए हैं। अंसल ने हजारों बायर्स को ठगने के अलावा सरकारी विभागों से भी धोखाधड़ी की।

  • सरकारी जमीन बेची: अंसल ने ग्राम समाज और नगर निगम की लगभग 164 हेक्टेयर जमीन अवैध रूप से बेच डाली। कंसोर्टियम की जमीन भी फर्जीवाड़ा करके बेची गई।

  • बंधक प्लॉट भी बेचे: नियमों के तहत अंसल ने एलडीए के पास 3,489 प्लॉट बंधक (Mortgage) रखे थे। शर्त थी कि अगर अंसल विकास नहीं करेगा, तो एलडीए इन्हें बेचकर कालोनी विकसित करेगा। लेकिन अंसल ने इनमें से 2,747 बंधक प्लॉट भी ग्राहकों को बेच दिए।

इन गंभीर अनियमितताओं के उजागर होने के बाद एलडीए ने अंसल के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई है।

अधूरे विकास कार्यों पर खर्च होंगे 2,216 करोड़ रुपये

अंसल ने सुशांत गोल्फ सिटी में बुनियादी सुविधाएं तक विकसित नहीं कीं। कोई भी बिजली सब-स्टेशन (440 KVA और 220 KVA) नहीं बनाया गया। करीब 50 किलोमीटर लंबी सड़कें, एसटीपी (STP), पेयजल पाइपलाइन, पार्क और ड्रेनेज का काम अधूरा पड़ा है।

एलडीए के आंकलन के अनुसार, इन नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को पूरा करने में 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  • पॉकेट-1 से पॉकेट-4: 453.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  • पॉकेट-5: विकास कार्यों पर 1,126.52 करोड़ रुपये लगेंगे।

  • सब-स्टेशन निर्माण: बिजली व्यवस्था के लिए 523 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।

  • रेलवे ओवरब्रिज (ROB): इसके बचे हुए काम पर 114.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना- टाइमलाइन

दिनांक-25 मई, 2005 को शासन द्वारा हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने हेतु लाइसेंस जारी किया गया।

दिनांक-22 मई, 2006 को मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्तुत किये गये 1765 एकड़ के डीपीआर को स्वीकृत किया गया।

दिनांक-03 जून, 2009 को क्षेत्रफल 1765 एकड़ से बढ़ाकर 3530 एकड़ करने की स्वीकृति दी गयी।

दिनांक-18 मई, 2010 को 3530 एकड़ हेतु डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-13 दिसम्बर, 2013 को अतिरिक्त 2,935 एकड़ क्षेत्रफल के दूसरे विस्तार की स्वीकृति दी गई, जिससे टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया।

दिनांक-23 मई, 2015 को 6,465 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-22 सितम्बर, 2015 को फेज-1 से फेज-4 हेतु 2,571.15 एकड़ क्षेत्रफल का अंतिम ले-आउट स्वीकृत किया गया।

दिनांक-19 अगस्त, 2016 को फेज-5 हेतु 958.85 एकड़ क्षेत्रफल का ले-आउट स्वीकृत हुआ। इस प्रकार फेज-1 से फेज-5 तक कुल क्षेत्रफल 3,530 एकड़ रहा।

दिनांक-2 नवम्बर, 2021 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

दिनांक-13 अप्रैल, 2023 को मेसर्स अंसल द्वारा 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

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Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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