डीपीएस सीतापुर में दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला, शिक्षकों ने सीखे नेतृत्व और प्रोफेशनल ग्रूमिंग के गुर

सीतापुर: दिल्ली पब्लिक स्कूल, सीतापुर में शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता एवं प्रभावी संचार कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन लखनऊ की प्रतिष्ठित संस्था इंस्पायरिंग इनसाइट्स के सहयोग से किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य रिसोर्स पर्सन नेहा मेहरोत्रा एवं डॉ. नीरज सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। “Personality Development and Professional Grooming for Educators” विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को Self Awareness, Positive Mindset, Effective Communication, Professional Growth और Enhanced Classroom Impact जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य रिसोर्स पर्सन नेहा मेहरोत्रा पैरेंट एवं टीन कोच, करियर स्ट्रेटेजिस्ट तथा इंस्पायरिंग इनसाइट्स की को-फाउंडर हैं। लाइफ कोच एवं DMIT कंसल्टेंट के रूप में उन्हें 15 वर्षों से अधिक का कॉर्पोरेट अनुभव है। वहीं डॉ. नीरज सिंह ने भी प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नेतृत्व, संवाद एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
नेतृत्व क्षमता पर रहा विशेष फोकस
कार्यशाला के पहले दिन, 23 अक्टूबर को “Everyday Leadership” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। “Recipe for Disaster” जैसी रोचक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को टीमवर्क, बेहतर समन्वय, निर्णय क्षमता और प्रभावी नेतृत्व के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया। गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों ने नेतृत्व को केवल पद से नहीं, बल्कि दैनिक व्यवहार और जिम्मेदारियों से जोड़कर समझा।
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प्रोफेशनल ग्रूमिंग और संवाद कौशल पर प्रशिक्षण
दूसरे दिन, 24 अक्टूबर को “Elevate 360°” थीम के अंतर्गत प्रोफेशनल ग्रूमिंग, आत्मविश्वास, संवाद कौशल और समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। वहीं “Turn Complaints into Confidence” सत्र में शिक्षकों को बताया गया कि अभिभावकों की शिकायतों को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उन्हें विश्वास, संवाद और सकारात्मक संबंध निर्माण के अवसर में कैसे बदला जा सकता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य आर. के. सिंह ने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं शिक्षकों की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक क्षमताओं को निखारने के साथ-साथ उन्हें बेहतर शिक्षक, प्रभावी संचारक और सक्षम लीडर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रशिक्षण से शिक्षकों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आधुनिक शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित होती है।
कार्यशाला में डॉ. सीमा कपूर, डॉ. धीरज टंडन, डॉ. अनुराधा घटक, डीपीएस हेडमिस्ट्रेस सीनियर विंग फरह इमाम तथा हेडमिस्ट्रेस जूनियर विंग सविता सिंह सहित विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। दो दिवसीय कार्यशाला में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रशिक्षण को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास के लिए उपयोगी बताया।
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