UP

योगी सरकार का दिव्यांग बच्चों की शुरुआती शिक्षा पर जोर, 28 नए बचपन डे केयर सेंटरों की स्थापना को मंजूरी

प्रदेश में 25 केंद्र संचालित, 1,463 दिव्यांग बच्चे नामांकित, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में स्थापित होंगे 28 नए केंद्र

Highlights

  • 28 नए बचपन डे केयर सेंटर खोले जाएंगे
  • वर्तमान में 25 केंद्र (18 मंडलीय और 7 आकांक्षी जिलों में) संचालित हैं
  • 3 से 7 वर्ष की आयु के दिव्यांग बच्चों को प्रारंभिक विद्यालयी शिक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 28 नए ‘बचपन डे केयर सेंटरों’ की स्थापना को मंजूरी दी है। इन केंद्रों के माध्यम से 3 से 7 वर्ष की आयु के दिव्यांग बच्चों की सीखने की क्षमता विकसित की जाती है।

25 केंद्रों में 98 प्रतिशत नामांकन

वर्तमान में प्रदेश के 18 मंडलीय जनपदों (लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा आदि) और 7 आकांक्षी जिलों (चंदौली, सिद्धार्थनगर, बहराइच आदि) में कुल 25 बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों की कुल क्षमता 1,490 बच्चों की है, जिसके सापेक्ष 1,463 बच्चे (लगभग 98 प्रतिशत) पहले से ही नामांकित हैं। इनमें 465 श्रवणबाधित, 342 दृष्टिबाधित, 520 बौद्धिक दिव्यांग और 136 लर्निंग डिसेबिलिटी (एलडी) से संबंधित बच्चे शामिल हैं।

18 मंडलीय जनपदों सहित सात आकांक्षी जिलों में संचालन

प्रदेश में लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, बरेली, आगरा, सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, बस्ती, मिर्जापुर, आजमगढ़, कानपुर नगर, अयोध्या, गोंडा और गोरखपुर में बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सात आकांक्षी जिलों चंदौली, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, फतेहपुर, बलरामपुर और सोनभद्र में भी नए केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में 28 नए केंद्रों की स्थापना को मिली मंजूरी से इस पहल का और विस्तार होगा।

विभिन्न श्रेणियों के 1,463 बच्चों को मिल रहा लाभ

बचपन डे केयर सेंटरों में नामांकित बच्चों में 465 श्रवणबाधित, 342 दृष्टिबाधित, 520 बौद्धिक दिव्यांग और 136 लर्निंग डिसेबिलिटी (एलडी) से संबंधित बच्चे शामिल हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप सीखने का वातावरण उपलब्ध कराना, संवाद एवं सामाजिक व्यवहार विकसित करने के अवसर देना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए तैयार करना है।

गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आईएसओ प्रमाणन

बचपन डे केयर सेंटरों में सेवाओं की गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रों को गुणवत्ता प्रबंधन एवं संचालन व्यवस्था के लिए आईएसओ प्रमाणन प्रदान किया गया है। इससे निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाओं के संचालन और प्रबंधन में निरंतर सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा।

दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग बच्चों को शुरुआती उम्र से शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बचपन डे केयर सेंटरों के माध्यम से 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में संचालित 25 केंद्रों में 1,463 बच्चों का नामांकन इस पहल की उपयोगिता को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अवशेष जनपदों में 28 नए केंद्रों की स्थापना की मंजूरी से अधिक बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है।

ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं

WhatsApp Channel, Google News और सोशल मीडिया पर फॉलो करें

Sunil Yadav

संपादक, और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button