UP

संवेदना और सेवा का जीवंत उदाहरण: ललितपुर के पुलिसकर्मी ने बचाई महिला मरीज की जान

Lalitpur: ललितपुर पुलिस में तैनात मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव ने इंसानियत और कर्तव्यपरायणता का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। झांसी की एक महिला, जो ग्वालियर के एक अस्पताल में गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, को दुर्लभ रक्त समूह B नेगेटिव (B negative) की तत्काल आवश्यकता थी।

जैसे ही यह जानकारी मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव (Constable Jitendra Yadav) को मिली, उन्होंने बिना किसी देर के अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अवकाश लिया और स्वयं ललितपुर से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। समय पर अस्पताल पहुंचकर उन्होंने रक्तदान किया, जिससे महिला की जान बचाई जा सकी।

मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव की यह मानवीय पहल न सिर्फ उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि पुलिसकर्मी केवल कानून के रखवाले ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे सेवक भी हैं।

ऐसे जांबाज़ पुलिसकर्मी समाज में आशा और भरोसे की किरण हैं — जो विपत्ति की घड़ी में निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद कर सच्चे अर्थों में ‘जन सेवा’ को सार्थक करते हैं।

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Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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