UPPCL: स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली गई ₹6016 की राशि होगी वापस, नियामक आयोग का बड़ा फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए विद्युत कनेक्शनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर की जा रही ₹6016 की वसूली को ‘अवैध’ घोषित कर दिया है। उपभोक्ता परिषद की लंबी लड़ाई के बाद आयोग ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि उपभोक्ताओं से वसूली गई लगभग 127 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाए।
1 अप्रैल 2026 से बिलों में होगा समायोजन
नियामक आयोग के आदेश के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर के नाम पर यह अतिरिक्त धन राशि ली गई है, उन्हें यह पैसा नकद नहीं बल्कि उनके बिजली बिलों में समायोजित (Adjust) कर वापस किया जाएगा। रिफंड की यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले बिलिंग चक्र से प्रभावी होगी।
पावर कॉरपोरेशन के निदेशक तलब, 11 अगस्त को पेशी
इस मामले में नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि:
पावर कॉरपोरेशन को जुलाई तक की गई पूरी वसूली का ब्यौरा आयोग के समक्ष रखना होगा।
आगामी 11 अगस्त को पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने पेश होने का आदेश दिया गया है।
नियमों की अनदेखी करने पर कॉरपोरेशन के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
उपभोक्ता परिषद का कड़ा रुख
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने जानबूझकर नियमों के विरुद्ध वसूली की है और जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, परिषद चुप नहीं बैठेगी। परिषद ने मांग की है कि वसूली गई राशि पर उपभोक्ताओं को उचित ब्याज भी मिलना चाहिए।
आयोग के इस फैसले के बाद अब प्रदेश में किसी भी नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर के नाम पर अतिरिक्त ₹6016 की वसूली तत्काल प्रभाव से रुक जाएगी।




