गैस संकट पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान — “हमने तो घर में मिट्टी के चूल्हे मंगवा लिए”

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने रसोई गैस को लेकर बड़ा बयान देते हुए आम लोगों को संभावित दिक्कतों के लिए आगाह किया है। उन्होंने कहा कि गैस पर पूरी तरह निर्भर रहना अब मुश्किल हो सकता है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है।
क्या बोले अखिलेश यादव?
अखिलेश यादव ने कहा—
“मैंने पहले ही कहा था कि कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार रखो… लेकिन लोगों ने ध्यान नहीं दिया। हमने तो अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवा लिए हैं। गैस की दिक्कत हम सबको आएगी—चाहे हम हों या आप।”
उन्होंने आगे कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों, छात्रों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।
ठेले पर चाट, समोसा, मोमोज और नूडल्स बेचने वाले लोग गैस पर निर्भर हैं और अब उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो रही है।
किन पर पड़ेगा ज्यादा असर?
- छात्र वर्ग
- छोटे फूड वेंडर (ठेला/रेहड़ी वाले)
- गरीब और मध्यम वर्ग
- छोटे व्यापारी
क्या है बड़ा संकेत?
अखिलेश यादव के इस बयान को गैस आपूर्ति और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना भी माना जा रहा है। साथ ही यह आम लोगों के लिए चेतावनी भी है कि वे वैकल्पिक ईंधन के बारे में सोचें।
गैस की बढ़ती समस्या और कीमतों के बीच अब “मिट्टी का चूल्हा” फिर चर्चा में आ गया है। सवाल यह है कि क्या वाकई देश को फिर पुराने तरीकों की ओर लौटना पड़ेगा?




