“2027 मिशन पर Mayawati का बड़ा ऐलान: ‘दागियों को नो एंट्री, सर्वजन को बराबरी’”

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अहम बैठक में पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर साफ रणनीति पेश कर दी। उन्होंने दो टूक कहा—बसपा किसी भी हालत में आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं देगी और “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर मजबूती से आगे बढ़ेगी।
संगठन से लेकर चुनाव तक—पूरी रणनीति तैयार
बैठक में राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ संगठन की जमीनी स्थिति, आर्थिक मजबूती और चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
मायावती ने साफ निर्देश दिया कि पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाया जाए और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टिकट वितरण में ‘सर्वसमाज’ पर फोकस
बसपा प्रमुख ने कहा कि 2027 के चुनाव में टिकट वितरण के दौरान सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बसपा की पहचान ही सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की रही है और इस बार भी यही रणनीति जारी रहेगी।
रोजगार और महंगाई पर सरकार पर निशाना
मायावती ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि:
- रोज़गार की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है
- आत्मनिर्भरता केवल नारा बनकर रह गई है
- महंगाई से आम जनता की हालत बदतर हो रही है
अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर—महंगाई पर चिंता
अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि इससे पेट्रोल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
14 अप्रैल को बड़ा शक्ति प्रदर्शन
बसपा प्रमुख ने B. R. Ambedkar जयंती (14 अप्रैल) पर लखनऊ स्थित अम्बेडकर स्मारक में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ता परिवार सहित पहुंचकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दें।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का आह्वान
मायावती ने कहा कि जनता सरकार की नीतियों से निराश होकर बसपा की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी से काम करना होगा।
2027 के चुनाव से पहले बसपा ने साफ संकेत दे दिए हैं—साफ छवि, सामाजिक संतुलन और जमीनी मजबूती के दम पर पार्टी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।



