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छत्रपति शिवाजी नें अपनी कार्य कुशलता से मुगलों का सामना किया :अपर्णा यादव

लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ के संस्कृत विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना तथा उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् और प्रो शारदा प्रसाद तिवारी मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या एवं प्रो शारदा प्रसाद तिवारी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष प्रो मंजुला उपाध्याय, मुख्य वक्ता के रूप में मनोज क्षेत्र संपर्क प्रमुख पूर्वी उत्तर प्रदेश, मुख्य वक्ता डॉ चंद्र भूषण त्रिपाठी आईएएस प्रबंध निदेशक पीसीएफ उत्तर प्रदेश, विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव एवं उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् के संरक्षक डॉ रमेश कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्जवलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के साथ प्रारंभ हुआ।

सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान अंगवस्त्रम् , पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पौधा एवं गीतावली नामक पुस्तक देकर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की छात्रा शीतल मिश्रा ने दीपप्रज्वलन मंत्र और सरस्वती वन्दना प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में बोलते हुए मनोज ने कहा कि शिवा जी का जीवन अत्यंत त्याग, बलिदान, ओजपूर्ण रहा है। शिवाजी के नाम से बहुत लोगों को समस्या भी है। छत्रपति जी ने हिन्दू पदपादशाही की स्थापना की उनकी माता जी का शिवाजी के जीवन निर्माण में तथा आगे बढ़ाने में बहुत योगदान रहा। उन दिनों मुगल शासनकाल का आक्रमण तेजी से चल रहा था। एक-एक कर शिवाजी ने सभी को व्यवस्थित किया।

शिवाजी की कुलदेवी तुलजा भवानी के मन्दिर को भी मुगलों ने तोड दिया। उसके जीर्णोद्धार के लिए पूरे समाज को एकत्रित कर मंदिर को मुगलों से मुक्त कराया। किसी युद्ध को जीतने के लिए सम्पूर्ण शक्तियों का समायोजन करना चाहिए। शिवा जी ने एक-एक कोने से लड़कर युद्ध जीते थे, शिवा जी की एक कुशल प्रशासक, रणनीतिकार, मातृभक्त जैसी जीवन वृत्ति रही है।शिवाजी ने चार प्रकार की रणनीति बनाई जिनमे शाम दाम, दण्ड और भेद को प्रमुखता से अपनाया था।

विशिष्ट अतिथि अपर्णा ने कहा कि हमें शिवाजी के जीवन चरित्र एवं कुशल शासन प्रबंधन से हमें सीखना चाहिए और आत्मसात करना चाहिए, हमे अपने राष्ट्रीय कार्यों को कुशलता पूर्वक करना चाहिए। शिवाजी ने मुगलों को नष्ट किया लेकिन आज भी समाज में कुछ लोग अन्य प्रकार से भारत को तोड़ने का कार्य कर रहे है। इनसे हमें वैचारिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से लड़ना होगा तभी हमारी जय होगी और हम विश्व गुरु बन पायेगें।

प्रो मंजुला उपाध्याय ने शिवाजी के जीवन पर संक्षेप में विषय प्रवर्तन किया और वह एक सच्चे मातृभक्त थे माता निर्माता होती है ऐसा जीजाबाई ने कर दिखाया और शिवाजी को इतिहास में अमर कर दिया। शिवाजी एक कुशल कूटनीतिज्ञ थे उनकी शासन पद्धति से हम सभी को सीख लेनी चाहिए।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन विशिष्ट अतिथि डॉ रमेश कुमार त्रिपाठी ने किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर अवश्य होने चाहिए ताकि समाज से अपने महापुरुषों का भारत भूमि के लिए बलिदान को स्मरण कर सके और सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् संस्था की विवरणिका का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम की संयोजिका प्रो वन्दना द्विवेदी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी कार्यक्रम अधिकारी डॉ चंदन मौर्य, डॉ मनीषा बडौनिया, दीक्षा, एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेविकाएं तथा प्रो सुषमा त्रिवेदी,प्रो ऋचा शुक्ला, प्रो ज्योत्सना गौतम, डॉ गीताली रस्तोगी प्रो नीतू सिंह, डॉ विनीता सिंह, प्रो सीमा पांडे, डॉ नेहा अग्रवाल, डॉ ममता वर्मा, डॉ बी एन पाठक,संस्थानम् के उपाध्यक्ष विकास तिवारी, अमन, कृष्ण कुमार, विकास चौबे अभीष्ट व महाविद्यालय की समस्त छात्राएं सहित लगभग तीन सौ लोग उपस्थित रहे।

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Shailendra Yadav

शैलेंद्र यादव सीनियर पत्रकार हैं। वह राजनीति, एजूकेशन, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखते हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग और दिलचस्प कहानियां भी लिखते हैं। पत्रकारिता में 12 साल का अनुभव है। करियर की शुरुआत सीतापुर लाइव न्यूज. इसके बाद विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में काम किया है।

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