राम सागर मिश्र अस्पताल में अब कैंसर की जांच मुफ्त, 8 CHC के मरीजों को भी मिलेगा फायदा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय (Ram Sagar Mishra Joint Hospital) ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस नई पहल से बख्शी का तालाब (BKT) और उसके आस-पास के लाखों ग्रामीणों को अब महंगी जांचों के लिए निजी लैब या शहर के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
लोकबंधु अस्पताल के बाद यह लखनऊ का दूसरा ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां कैंसर स्क्रीनिंग (Cancer Screening) की सुविधा उपलब्ध है।
शुरुआती चरण में ही पकड़ में आएगा कैंसर
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. वी.के. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में अब सर्वाइकल कैंसर से लेकर पेट और प्रोस्टेट कैंसर तक की करीब आधा दर्जन महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो गई हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार, कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अगर शुरुआती चरण (Early Stage) में इसकी पहचान हो जाए, तो इलाज आसान होता है।
इन प्रमुख कैंसर मार्कर्स की जांच हुई शुरू: अस्पताल में अब अत्याधुनिक मशीनों द्वारा निम्नलिखित जांचें की जा रही हैं:
CA-125: ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) का पता लगाने के लिए।
CA-19.9: पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) की जांच।
PSA (Prostate Specific Antigen): पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग।
पैप स्मीयर (Pap Smear): महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की जांच।
बीटा HCG: यह गर्भावस्था की पुष्टि के साथ-साथ महिलाओं में खास प्रकार के कैंसर ‘कोनियो कार्सिनोमा’ का पता लगाने में भी कारगर है।
‘हब और स्पोक’ मॉडल से बदली तस्वीर
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 3 मई को शुरू किए गए “स्पोक और हब” (Hub and Spoke) मॉडल के तहत राम सागर मिश्र अस्पताल एक ‘हब’ के रूप में काम कर रहा है। यहाँ न केवल अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच होती है, बल्कि लखनऊ के 8 अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) से भी खून के नमूने यहाँ लाए जाते हैं।
इन CHC में बीकेटी, इटौंजा, अलीगंज, गुड़म्बा, माल, मलिहाबाद, काकोरी और जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को घर के पास ही उच्च स्तरीय जांच की सुविधा मिल रही है।
एक साल में दोगुनी हुई जांचों की संख्या अस्पताल में पैथोलॉजी सेवाओं का विस्तार कितनी तेजी से हुआ है, यह आंकड़ों से समझा जा सकता है।
जनवरी से नवंबर 2024: कुल 7.33 लाख जांचें हुईं।
जनवरी से नवंबर 2025: यह आंकड़ा बढ़कर 15.30 लाख पार कर गया।
वर्तमान में गर्मियों के दौरान यहाँ प्रतिदिन लगभग 11,000 और सर्दियों में 6,000 जांचें की जा रही हैं।
150 प्रकार की जांचें पूरी तरह मुफ्त
156 बेड वाले इस अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 1200 मरीज आते हैं। मरीजों की सुविधा के लिए यहाँ 150 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें मुफ्त की जा रही हैं। इनमें प्रमुख हैं:
हार्मोनल टेस्ट: थायराइड, इंसुलिन, LH, FSH, प्रोलैक्टिन।
विटामिन प्रोफाइल: विटामिन D, विटामिन B-12, आयरन प्रोफाइल।
कार्डियक प्रोफाइल: दिल के मरीजों के लिए CK-MB, Troponin-I.
वायरल मार्कर: HIV, HCV, HBsAg (केमिलुमिनसेंस इम्यूनोएसे तकनीक द्वारा)।
इसके अलावा थैलसीमिया, कल्चर सेंस्टीविटी और रूटीन सीबीसी जांचें भी उपलब्ध हैं।




