लखनऊ के सिविल अस्पताल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, योग से बढ़ती है मानसिक शांति और कार्यक्षमता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के मौके पर राजधानी लखनऊ में भारी उत्साह देखने को मिला। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में रविवार को एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अस्पताल के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान सभी ने योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। योगाभ्यास योगगुरु डॉ. पी.के. मिश्रा (गुरुकुल कांगड़ी, हरिद्वार) और अस्पताल के आयुष विभाग के डॉ. राजेश्वर राव की टीम ने कराया। मुख्य कार्यक्रम से पहले माननीय प्रधानमंत्री के योग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (Live Broadcast) भी देखा गया।
कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाता है योग
महानिदेशक डॉ. हरि दास अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है। यह पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन-शैली का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि अस्पतालों में ऐसे आयोजनों से कर्मचारियों की मानसिक शांति और कार्यक्षमता बढ़ती है। इससे मरीजों के प्रति उनका सेवा-भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण भी मजबूत होता है।

निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने योगाभ्यास के बाद अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ एक व्यायाम नहीं है। यह स्वस्थ तन, शांत मन और संतुलित जीवन का मुख्य आधार है। इसे केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
पूर्व डीजी, सीएम भी रहे मौजूद
इस गरिमामयी अवसर पर पूर्व महानिदेशक डॉ. डी.एस. नेगी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. देवेश चंद्र पांडे और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवराज सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
अंत में सीएमएस डॉ. डी.सी. पांडे ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस आयोजन की जानकारी देते हुए चीफ फार्मासिस्ट सुनील यादव ने बताया कि सिविल अस्पताल जनस्वास्थ्य को लेकर हमेशा सजग है। यह कार्यक्रम निरोगी भारत और जागरूक जीवनशैली के संदेश को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बना।




