लखनऊ पहुंचा ‘MantraM’ सर्जिकल रोबोट : शेखर और अजंता हॉस्पिटल में दिखा भारत के पहले स्वदेशी रोबोट का दम

MantraM Surgical Robot : भारत में चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। देश का पहला स्वदेशी ‘मंत्रम सर्जिकल रोबोट’ (MantraM Surgical Robot Yatra) अपनी राष्ट्रव्यापी यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुँचा।  लखनऊ स्थित शेखर हॉस्पिटल और अजंता हॉस्पिटल में इस अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य देश के हर कोने में विश्व स्तरीय सर्जिकल सेवाओं को सुलभ बनाना है।

अजंता और शेखर हॉस्पिटल में भव्य स्वागत

इस यात्रा का लखनऊ चरण अजंता हॉस्पिटल से शुरू हुआ, जहाँ डॉक्टरों और सर्जनों के लिए व्यापक हैंड्स-ऑन डेमो आयोजित किए गए। इसका उद्घाटन अजंता हॉस्पिटल की मेडिकल डायरेक्टर और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता खन्ना ने किया। इसके बाद, यह मोबाइल यूनिट शेखर हॉस्पिटल पहुंची। यहाँ ‘MantraM’ यूनिट के माध्यम से 100 से अधिक डॉक्टरों, सर्जनों और चिकित्सा पेशेवरों ने रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की बारीकियों को समझा।

शेखर हॉस्पिटल में यात्रा का उद्घाटन प्रबंध निदेशक डॉ. अमोद के. सचान, सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी और यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रतिपाल सिंह ने किया।

मोबाइल सिमुलेशन बस: चलता-फिरता अस्पताल

यह रोबोटिक यूनिट एक विशेष रूप से तैयार की गई भारत बेंज बस (BharatBenz Bus) में स्थापित है। इसे एक चलते-फिरते ऑपरेशन थिएटर और ट्रेनिंग सेंटर का रूप दिया गया है। इसमें डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने लाइव रोबोटिक सर्जरी प्रदर्शन, एक्सपर्ट्स द्वारा ट्रेनिंग और इमर्सिव सिमुलेशन का अनुभव लिया। इसमें 5 kVA का पावर बैकअप, सैटेलाइट कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा है, जो इसे टेली-सर्जरी (Tele-surgery) के लिए पूरी तरह सक्षम बनाती है।

डॉक्टरों ने बताया ‘गेम चेंजर’

डॉ. अमोद सचान ने इस मौके पर कहा, “शेखर हॉस्पिटल में मंत्रम सर्जिकल रोबोट यात्रा की मेजबानी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह तकनीक न केवल ‘Make in India’ की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह उन क्षेत्रों में भी विश्वस्तरीय सर्जरी पहुँचाने में सक्षम है जहाँ विशेषज्ञों की कमी है।

SSII के सीईओ (APAC) डॉ. विश्वा श्रीवास्तव ने कहा कि इस यात्रा को लखनऊ लाना भारत में सर्जरी के अभ्यास को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने जोर दिया कि यह तकनीक सिर्फ मशीनों के बारे में नहीं है, बल्कि जीवन बचाने और सर्जिकल परिणामों को बेहतर बनाने के बारे में है।

भविष्य की तैयारी: टियर 2 और टियर 3 शहरों पर फोकस

एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल इंक (SSII) के सीईओ (APAC) डॉ. विश्वा श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी कंपनी का लक्ष्य 2026 तक टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी रोबोटिक सर्जरी को आम बनाना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि रोबोटिक सर्जरी केवल बड़े अस्पतालों की ‘प्रीमियम सर्विस’ न रहे, बल्कि यह हर मरीज के लिए ‘स्टैंडर्ड केयर’ बन जाए।”

इस यात्रा के माध्यम से मेडिकल छात्रों और नए सर्जनों को भी रोबोटिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि भारत आने वाले समय में ग्लोबल मेडिकल इनोवेशन का केंद्र बन सके।

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