सैफई (इटावा) | 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने सोमवार को ‘Pathology on Wheel’ का उद्घाटन किया। यह हाई-टेक वैन अब सुदूर गांवों में जाकर मरीजों की खून-पेशाब जैसी बुनियादी जांचें मौके पर ही करेगी।
क्या है ‘Pathology on Wheel’?
यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि एक ‘चलता-फिरता डायग्नोस्टिक सेंटर’ है। इस वैन को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, जिसमें संभावित रूप से निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:
-
त्वरित जांच (Rapid Testing): ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, और यूरिन रूटीन जैसी जांचों की रिपोर्ट कुछ ही समय में उपलब्ध होगी।
-
सेंपल कलेक्शन (Sample Collection): जटिल जांचों (जैसे LFT, KFT, थायराइड) के लिए यह वैन गांव से सैंपल कलेक्ट कर विश्वविद्यालय की सेंट्रल लैब तक पहुंचाएगी, जिससे मरीजों को सफर नहीं करना पड़ेगा।
-
संक्रामक रोग जांच: डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी मौसमी बीमारियों की रैपिड किट जांच भी इसमें संभव होगी।
ग्रामीण मरीजों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी यह पहल
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह, जो स्वास्थ्य तकनीकों में नवाचार (Innovation in Healthcare) के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि यह सुविधा ‘अंतिम पायदान के व्यक्ति’ (Last Mile Delivery) के लिए है।
अक्सर ग्रामीण मरीज छोटी जांचों के लिए सैफई या शहर आने में 500-1000 रुपये खर्च कर देते थे और पूरा दिन बर्बाद होता था। अब यह सुविधा उनके दरवाजे पर निशुल्क/नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध होगी। विश्वविद्यालय के ओपीडी (OPD) में आने वाली अनावश्यक भीड़ कम होगी, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
तकनीक और सेवा का संगम
प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “हमारा लक्ष्य UPUMS को केवल एक अस्पताल तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे ‘कम्युनिटी हेल्थ’ का एक मॉडल बनाना है। यह वैन हमारे ‘आउटरीच प्रोग्राम’ (Outreach Program) की रीढ़ बनेगी। यह अनोखी शुरुआत ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक टर्निंग पॉइंट साबित होगी। इस सुविधा से हमारी पहुंच बढ़ेगी, जिसमें गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को मौके पर ही बेसिक जांच की सुविधा मिलेगी।
