UP

उत्तराखंड का पावन लोकपर्व फूलदेई उत्साह और उल्लास से मनाया

लखनऊ। कल्याणपुर स्थित आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी के मुख्यालय में उत्तराखंड का पावन लोकपर्व फूलदेई पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक इस पर्व की परंपराओं को याद किया गया। इस अवसर पर भरत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में बसंत ऋतु की शुरुआत फूलदेई पर्व से होती है। हर वर्ष मार्च माह में जब पहाड़ों में बसंत आता है, तब छोटे-छोटे बच्चे जंगलों और पहाड़ों से रंग-बिरंगे फूल लाकर घर-घर के द्वार पर सजाते हैं। फूल रखते समय बच्चे पारंपरिक गीत गाते हैं।

“फूल देई, छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार।”

इसका भावार्थ है कि जिस घर के द्वार पर ये फूल रखे जाते हैं, उस घर में सदैव सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। बदले में घर के लोग बच्चों को फल चावल, गुड़ और मिठाइयाँ आदि भेंट देकर आशीर्वाद देते हैं।

बिष्ट ने कहा गया कि भले ही आज लोग पहाड़ों से दूर शहरों में रह रहे हों, लेकिन उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएँ आज भी उनके दिलों में जीवित हैं। इसी भावना के साथ लखनऊ सामूहिक रूप से इस पावन पर्व को मनाकर बसंत के आगमन का स्वागत किया गया।

इस त्योहार को मानाने में बच्चो की भूमिका रहती है जिसमे कामना बिष्ट, भूमिका जोशी, ऋषिता सिंह, उन्नति, हांसिका गोस्वामी, आरोही, भूमिका पांडे, अंशिका, दीवा, हेमा बिष्ट इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया।

ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं

WhatsApp Channel, Google News और सोशल मीडिया पर फॉलो करें

Shailendra Yadav

शैलेंद्र यादव सीनियर पत्रकार हैं। वह राजनीति, एजूकेशन, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखते हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग और दिलचस्प कहानियां भी लिखते हैं। पत्रकारिता में 12 साल का अनुभव है। करियर की शुरुआत सीतापुर लाइव न्यूज. इसके बाद विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में काम किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button