कर्मचारियों की मांग को लेकर KGMU कर्मचारी परिषद ने उठाई आवाज़, SGPGI की तर्ज पर नियमितीकरण की मांग
लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ की कर्मचारी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि KGMU में कार्यरत ऐसे पदों को भी नियमित किया जाए जो लंबे समय से कार्यरत हैं लेकिन स्थायी नहीं हुए हैं। परिषद ने SGPGI जैसे संस्थानों के समकक्ष कर्मचारियों को अधिकार और सुविधाएं देने की मांग उठाई है।
परिषद की ओर से अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 30 नवंबर 2022 को जारी आदेश के तहत 22 प्रकार के तकनीकी व अन्य पदों का संवर्गीकरण किया गया था। यह सराहनीय पहल है।
लेकिन इसके बाद भी बहुत से पद हैं जो इस शासनादेश की मानकीकरण सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। जबकि संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के स्थायीकरण को लेकर शासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे। इसलिए KGMU में बाकी बचे सभी पदों को SGPGI की तर्ज पर नियमित किया जाय।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि SGPGI द्वारा स्वीकृत पदों की सूची को आधार बनाकर KGMU में स्वीकृत पदों को भी मानक मानते हुए शासन से समन्वय किया जाए। साथ ही, यदि आवश्यक हो तो एक तकनीकी समिति गठित कर इन पदों की जिम्मेदारियों, कार्यक्षमता और मूल्यांकन की रिपोर्ट तैयार की जाए।
जब तक अंतिम निर्णय न हो जाए, तब तक कर्मचारियों को अंतरिम रूप से समान वेतनमान और सेवा शर्तों का लाभ दिया जाए ताकि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो।
परिषद ने विश्वास जताया है कि शासन इस विषय की गंभीरता को समझेगा और शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखेगा।
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पत्र में महत्वपूर्ण बिंदु
कर्मचारी परिषद, KGMU लखनऊ द्वारा SGPGI की तरह अपने विश्वविद्यालय के पदों को नियमित करने की मांग।
समानता के आधार पर केजीएमयू में भी स्वीकृति की अपेक्षा।
तकनीकी समिति के गठन की आवश्यकता पर ज़ोर।
अंतरिम वेतनमान और सेवा शर्तें लागू करने की मांग जब तक अंतिम निर्णय न हो।
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