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KGMU: कर्मचारी परिषद का 22 मई से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान, स्वास्थ्य सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) प्रशासन और कर्मचारी परिषद के बीच गतिरोध उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों के लंबित वेतन निर्धारण, रुकी हुई पदोन्नति और नई भर्तियों के नियुक्ति पत्र जारी न होने के विरोध में कर्मचारी परिषद ने 22 मई 2026 से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। परिषद ने कुलपति को पत्र लिखकर प्रशासन के उदासीन रवैये पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है ।

कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रशासन का यह रवैया कर्मचारियों के अधिकारों का हनन कर रहा है । परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि इस आंदोलन से प्रदेश भर से आने वाले मरीजों को कोई असुविधा होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन की होगी ।

आंदोलन बढ़ा तो सभी सेवाएं ठप

मांगे पूरी ना होने पर कर्मचारी परिषद ने अपने पत्र में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारी परिषद ने कहा है कि:इ

  • पहले दिन (22 मई 2026): प्रशासनिक भवन का घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा ।
  • दूसरे दिन: विश्वविद्यालय की ओपीडी (OPD) सेवाओं का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा ।
  • तीसरे दिन: इमरजेंसी (आपातकालीन) सेवाओं सहित विश्वविद्यालय के समस्त कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा ।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

लंबित वेतन निर्धारण: कार्य परिषद की 20 नवंबर 2025 की बैठक में एसजीपीजीआई (SGPGI) के समतुल्य वेतनमान देने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके अनुपालन में 28 फरवरी 2026 को कार्यालय आदेश जारी होने के बावजूद, प्रशासन ने अब तक वेतन निर्धारण नहीं किया है।

पदोन्नति में विलंब: ओटी असिस्टेंट के पदों पर पदोन्नति के लिए 6 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन प्रक्रिया अभी तक अधूरी है। इसी तरह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिक संवर्ग में पिछले 12 वर्षों से कोई पदोन्नति नहीं की गई है, जबकि बड़ी संख्‍या में पद रिक्त हैं। फिजियोथैरेपिस्ट संवर्ग की पदोन्नति फाइलें भी लंबित हैं।

चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र: विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और परिणाम घोषित होने के लगभग 6 से 7 महीने बाद भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इससे वर्तमान कर्मचारियों पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है।

प्रस्तावों की अनदेखी: 05 विभिन्न कैडरों से संबंधित प्रस्तावों को लगातार कार्य परिषद की बैठकों के एजेंडा से बाहर रखा जा रहा है, जो शासन के निर्देशों की अवहेलना है।

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Sunil Yadav

संपादक, और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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