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Uttar Pradesh: हाई रिस्क प्रेगनेंसी केस में 102 एंबुलेंस बनी जीवनरक्षक, रास्‍ते में कराया सुरक्षित प्रसव

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को 102 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु के लिए जीवनरक्षक साबित हुई है। हाई रिस्‍क प्रेगनेंसी केस में एंबुलेंस कर्मियों की अपनी सूझबूझ और कुशलता ने रास्ते में ही एंबुलेंस के अंदर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। सुरक्षित प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

गले में फंसी थी गर्भनाल 

उत्‍तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 102 एंबुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित हो रही है। जानकारी के अनुसार, सरोजिनी नगर के मवई पडियाना निवासी कोमल पत्‍नी कौशल कुमार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा की मदद ली। वे कोमल को लेकर सीएचसी बेहटा पहुंचे। यहां जांच में स्थिति गंभीर पाई गई। शिशु के गले में गर्भनाल (Umbilical Cord) का फंदा फंसा हुआ था। डॉक्टरों ने समय न गंवाते हुए मरीज को तत्काल एमसीएच हॉस्पिटल सरोजिनी नगर के लिए रेफर कर दिया।

रास्ते में बढ़ गई पीड़ा 

रेफर किए जाने की सूचना मिलते ही 102 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। ईएमटी ऊषा देवी और पायलट सुनील कुमार ने महिला को तुरंत स्ट्रेचर से एंबुलेंस में शिफ्ट किया। वे अस्पताल के लिए रवाना हुए। लेकिन रास्ते में अचानक प्रसूता की प्रसव पीड़ा काफी बढ़ गई। 

एंबुलेंस में ही कराया सुरक्षित प्रसव 

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एंबुलेंस को रास्ते में ही रोका गया और ईएमटी एंबुलेंस में ही प्रसव कराने का साहसिक निर्णय लिया। ईएमटी ने बेहद कुशलता से शिशु के गले में फंसी गर्भनाल को निकाला और सुरक्षित प्रसव कराया।

102 Ambulance Uttar Pradesh EMRI GHS 108 Ambulance 2
बच्‍चे के साथ एंबुलेंस की ईएमटी

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कॉल सेंटर में मौजूद डॉक्‍टर से मिली सहायता

प्रसव के बाद ईएमटी ऊषा देवी ने तुरंत कॉल सेंटर में मौजूद डॉ. सत्‍या को मरीज की स्थिति की जानकारी दी।  डॉक्टर के निर्देशानुसार प्रसूता को नॉर्मल सलाइन और जरूरी इंजेक्शन व प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद जच्‍चा बच्‍चा को सीएचसी सरोजिनी नगर में सुरक्षित भर्ती कराया गया।

वर्तमान में माँ और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। प्रसूता के परिजनों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही 102 एंबुलेंस सेवा, ईएमटी ऊषा देवी, पायलट सुनील कुमार का सहृदय आभार व्यक्त किया है। परिजनों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मिली यह त्वरित सहायता उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं थी।

 

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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