कोई 27 तो कोई 95 वोट से जीता! बिहार की इन 7 पर हार-जीत का मामूली अंतर, तीसरे उम्मीदवार ने किया उलटफेर!
Bihar Election Results 2025
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों में एनडीए गठबंधन ने प्रचंड जीत दर्ज की है। लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं जो हमेशा याद रखी जाएंगी।
ये सीटें किसी रोमांचक थ्रिलर से कम नहीं थीं, जहाँ उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला दहाई या सैकड़े के अंकों (Dozens or Hundreds of Votes) के मामूली अंतर से हुआ।
कुल सात सीटें ऐसी थीं, जहाँ जीत का अंतर 1,200 वोटों से भी कम रहा, जिनमें संदेश सीट पर तो महज 27 वोटों से बाजी पलटी। इन सभी सीटों पर तीसरे और छोटे दलों के उम्मीदवारों को मिले वोटों ने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दलों के समीकरण को पूरी तरह से बिगाड़ दिया।

एक-एक वोट का महत्व: 27 वोटों से जीत-हार
संदेश (Sandesh Seat) की कहानी इस चुनाव की सबसे रोमांचक कहानी है। यहाँ जेडीयू के रामचरण साह ने आरजेडी के दीपू सिंह को केवल 27 वोटों से हराया। 6,000 से अधिक वोट पाने वाले तीसरे उम्मीदवार ने स्पष्ट कर दिया कि यदि ये वोट बंटते नहीं, तो परिणाम बदल सकता था।
इसके अलावा, अगिआंव (Agiaon) में बीजेपी की जीत का अंतर भी 100 से कम यानी मात्र 95 वोटों का रहा, जो यह साबित करता है कि मतगणना के अंतिम दौर तक सस्पेंस बरकरार था।
तीसरेने बिगाड़ा गणित
जिन सीटों पर अंतर 1,000 से कम रहा, वहाँ तीसरे उम्मीदवार ने बड़ा खेल किया:
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बोधगया (SC): यहाँ आरजेडी उम्मीदवार 881 वोट से जीते, लेकिन तीसरे निर्दलीय को 10 हज़ार से अधिक वोट मिले, जिसने लोजपा (राम विलास) को जीतने नहीं दिया।
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बख्तियारपुर: यहाँ आरजेडी ने 795 वोट से जीत दर्ज की, जबकि बसपा को 5,201 वोट मिले। इन वोटों ने जेडीयू उम्मीदवार के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी।
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चनपटिया: यहाँ जन सुराज के उम्मीदवार को 37,172 वोट मिले, जबकि कांग्रेस और बीजेपी के बीच अंतर केवल 602 वोटों का रहा। यह साफ संकेत है कि अगर तीसरे मोर्चे की एंट्री नहीं होती, तो बीजेपी यह सीट आसानी से जीत सकती थी।
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ढाका (Dhaka): एआईएमआईएम की जीत का अंतर 1,181 वोट रहा। हालाँकि यह 1,000 के पास है, लेकिन यहाँ बीजेपी के हारने का कारण भी छोटे दलों के वोटों का विभाजन रहा।
इन करीबी नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की राजनीति में एक-एक वोट की कीमत है, और अगले चुनावों में भी छोटे दलों का प्रभाव निर्णायक हो सकता है।
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