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आरटीई एक्ट के खिलाफ है विद्यालयों का मर्जर: वीरेंद्र सिंह

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शासन से वार्ता करके जल्द इस आदेश को वापस लेने की करेगा मांग, विद्यालयों की पेयरिंग, मर्जर और युग्मन पूर्णत: है असंवैधानिक

RAEBARELI: बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों के मर्जर का लगातार विरोध हो रहा है। विभाग की तरफ से शासनादेश निकाले जाने के बाद अनवरत विरोध बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की तरफ से भी इस आदेश का लगातार विरोध किया जा रहा है। इस आदेश के विरोध में संगठन जल्द ही शासन के वार्ता करके इस नीति को वापस लेने की मांग करेगा।

आरएसएम के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन व बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से आरटीई एक्ट में संशोधन किए बिना ही कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का युग्मन, पेयरिंग, मर्जर किया जा रहा है जो कि पूर्णतः असंवैधानिक तथा छात्र, शिक्षा और समाज सभी के लिए अहितकर है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी आदेश व प्रस्ताव का राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पुरजोर विरोध करता है। अगर यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो इस नीति का विरोध किया जाएगा।

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जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रदेश नेतृत्व अगले सप्ताह विभाग एवं शासन के उच्चाधिकारियों से वार्ता करके इस आदेश वापस लेने की मांग करेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश नेतृत्व एवं बेसिक शिक्षा विभाग व शासन के अधिकारियों में वार्ता होने तथा किसी सार्थक परिणाम के आने तक जनपद में कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के इंचार्ज प्रधानाध्यापक व प्रधानाध्यापक युग्मन, पेयरिंग, मर्जर से सम्बन्धित किसी भी प्रस्ताव की अपनी एसएमसी की सहमति न दें।

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जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह ने कहा शिक्षकों को युग्मन, पेयरिंग, मर्जर से क्या क्या कठिनाइयां छात्रों एवं अभिभावकों तथा समाज के समक्ष उत्पन्न होंगी उससे विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी),  ग्राम प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामवासियों को भी अवगत कराएं।

संयुक्त महामंत्री हरिमोहन यादव ने कहा कि शिक्षकों को किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना शिक्षा, शिक्षार्थी, शिक्षक एवं राष्ट्रहित में अपने कर्तव्य पथ राष्ट्र निर्माण का कार्य निरन्तर करते रहना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शिक्षकों कंधे से कंधा मिलाकर चलता रहेगा और शिक्षक समाज के मान, सम्मान एवं स्वाभिमान की लड़ाई सदैव लड़ता रहेगा। शिक्षकों को पेयरिंग के संबन्ध में किसी।भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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