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Health

केजीएमयू में जहर का मिलेगा सटीक इलाज

टॉक्सिकोलॉजी लैब का उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया लोकार्पण

Lucknow: विषाक्तता यानि जहर (Poisoning) का किंग जार्ज मेडिकल यूनिविर्सिटी (KGMU) में सटीक इलाज हो सकेगा। यहां अत्याधुनिक एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लेबोरेट्री और प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर की शुरुआत हो गई है। शनिवार को आयोजित उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Dy. CM Brajesh Pathak) uttarने इसका लोकार्पण किया।

इस मौके पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि विषाक्तता के मामलों में इलाज की सफलता समय और सही जानकारी पर निर्भर करती है। अब तक डॉक्टरों को कई बार यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि शरीर में कौन-सा विष और कितनी मात्रा में मौजूद है, जिससे उपचार में देरी होती थी। केजीएमयू में शुरू की गई एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लेबोरेट्री इस कमी को दूर करेगी और मरीजों के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।

उप मुख्यमंत्री शनिवार को केजीएमयू में आयोजित टॉक्सोकॉन-21 राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लेबोरेट्री एवं प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के माध्यम से खून, मूत्र सहित अन्य जैविक नमूनों की त्वरित और सटीक जांच संभव होगी। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि शरीर में कौन-सा विष मौजूद है और उसकी मात्रा कितनी है। इसके आधार पर चिकित्सक वैज्ञानिक और प्रभावी निर्णय ले सकेंगे, जिससे गंभीर मामलों में मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी।

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ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, जो चौबीस घंटे प्रमाणिक, वैज्ञानिक एवं त्वरित परामर्श उपलब्ध करायेगा। कीटनाशक, रसायन, दवाओं की अधिक मात्रा या अन्यविषाक्त पदार्थों से संबंधित मामलों में यह केंद्र भ्रम को दूर कर सही उपचार की दिशा में शीघ्र मार्गदर्शन देगा।

उन्होंने फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. शिउली तथा पूरी टीम को प्रदेश की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इतनी सक्षम और आधुनिक सुविधा विकसित करने के लिए बधाई दी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे सभी प्रयासों को पूरा समर्थन देती रहेगी।

उप मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लैब और प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित होगा। यहां होने वाला शोध, प्रशिक्षण और सेवाएं मेडिकल साइंस में नए मानक स्थापित करेंगी और नीति निर्माण में भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रदेश और देश का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है और यहां होने वाला हर विकास पूरे प्रदेश को लाभ पहुंचाता है। यह केंद्र शोध, प्रशिक्षण और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक सशक्त मंच बनेगा।

इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, इंडियन सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकोलॉजी के अध्यक्ष प्रो. निशत अहमद शेख, फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. शिउली, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्टï्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही, निदेशक एफएसएल लखनऊ प्रो. आदर्श कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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Mahima Tiwari

महिमा तिवारी, द कवरेज में सीनियर पत्रकार हैं। पत्रकारिता में 23 साल का अनुभव रखतीं हैं। वह राजनीति, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखती हैं। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर भी लिखना पसंद है।

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