संघ ने लिया समरस और संगठित हिन्दू समाज के निर्माण का संकल्प

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे ने दिनांक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के संदर्भ में मंगलवार को आरएसएस के मीडिया सेंटर विश्व संवाद केंद्र, जियामऊ, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 100 वर्ष की अपनी यात्रा में संघ ने दैनिक शाखा द्वारा अर्जित संस्कारों से समाज का अटूट विश्वास और स्नेह प्राप्त किया है। इस कालखंड में संघ के स्वयंसेवकों ने प्रेम और आत्मीयता के बल पर मान-अपमान और राग-द्वेष से ऊपर उठकर सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।
इस अवसर पर डॉ. दुबे जी ने कहा कि संघ कार्य की शताब्दी के अवसर पर हमारा कर्तव्य है कि पूज्य संत और समाज की सज्जन शक्ति का स्मरण करें, जिनका आशीर्वाद और सहयोग हर परिस्थिति में हमारा सम्बल बना। साथ ही, जीवन समर्पित करने व नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने वाले कार्यकर्ता और मौन साधना में रत स्वयंसेवकों सहित उनके परिवारों का भी वंदन करना हम सबके लिये प्रेरणादायी है।
इसके अतिरिक्त सभी प्रकार के मतभेदों को नकारने वाला समरसता युक्त आचरण, पर्यावरण पूरक जीवनशैली पर आधारित मूल्याधिष्ठित परिवार, स्व से ओतप्रोत नागरिक कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध समाज खड़ा करने के लिए हम सब संकल्पित हों। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने सभी स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि सज्जन शक्ति के नेतृत्व में सम्पूर्ण समाज को साथ लेकर विश्व के सम्मुख उदाहरण प्रस्तुत करने वाला समरस और संगठित भारत बनाने हेतु कटिबद्ध हों।

उन्होंने बताया कि आगामी विजयादशमी को संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रत्येक गांव, नगर एवं बस्ती में गृह संपर्क तथा हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जायेगा। आगामी विजयादशमी पर अधिकतम स्थानों में गणवेश में उत्सव सम्पन्न होंगे। इसके अंतर्गत प्रमुख नागरिक गोष्ठियाँ, सामाजिक सद्भाव बैठकें, शैक्षिक संस्थानों के युवाओं के लिए विकेंद्रित कार्यक्रम आदि आयोजित किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से समरस और संगठित हिन्दू समाज का निर्माण करने का संकल्प स्वयंसेवकों का है। भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी महारानी अब्बक्का के जन्म की 500वीं वर्षगांठ के अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय जी होसबाले ने सम्पूर्ण समाज का आह्वान करते हुए उनके तेजस्वी जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के महान कार्य में अपना प्रभावी योगदान देने का वक्तव्य भी जारी किया।
वहीं, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह ने बताया कि सभा में देशभर से आये 1443 प्रतिनिधियों द्वारा बांग्लादेश के हिन्दू समाज के साथ एकजुटता से खड़े होने का आह्वान करते हुए प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि बांग्लादेश में हिन्दू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हो रही सुनियोजित हिंसा, अन्याय और उत्पीड़न स्पष्ट रूप से मानवाधिकार हनन का गम्भीर विषय है।
उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार की दृष्टि से अवध प्रांत के सभी 174 खंडों में संघ की शाखाएं हैं। नगरीय क्षेत्रों में प्रांत में कुल 569 बस्ती हैं, जिसमें 468 बस्तियों में शाखाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1815 मंडल हैं, जिनमें 1598 मंडल शाखा युक्त हैं। अवध प्रांत में 2021 स्थानों पर 3058 शाखाएं लग रही हैं।
प्रेस वार्ता के उपरांत पत्रकार बंधुओं का होली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया। इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी, राष्ट्रधर्म पत्रिका के निदेशक एवं सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत जी एवं विश्व संवाद केंद्र प्रमुख डॉ. उमेश जी भी उपस्थित रहे।
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