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सीडीआरआई में होगा अनोखा सीपीएल टूर्नामेंट

सीडीआरआई की दवाओं के नाम पर रखे गए टीमों के नाम, 16 करोड़ तक में बिके खिलाड़ी, सीडीआरआई द्वारा निर्मित दवाओं के नाम पर रखे गए टीमों के नाम

सीडीआरआई के आगामी स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत एक अनोखा सीपीएल (सीडीआरआई प्रीमियर लीग 2024) का आयोजन सीडीआरआई स्टाफ क्लब द्वारा किया जा रहा है। सीडीआरआई के पहले निदेशक सर एडवर्ड मिलेनबी के नाम पर इस टूर्नामेंट का नाम एडवर्ड मिलनबी क्रिकेट टूर्नामेंट रखा गया है।

आईपीएल की तरह खिलाडि़यों की करोड़ों में नीलामी  

CDRI premier league 2024 टूर्नामेंट के लिए शुक्रवार 19 जनवरी 2024 को खिलाड़ियों की नीलामी हुई। इस अनोखी नीलामी प्रक्रिया के तहत 6 टीमों के मालिकों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों पर बोली लगाई। हर टीम के मालिक को 45 करोड़ की वर्चुअल मनी दी गई थी। इसी पैसे से उन्‍हें 12 खिलाड़ी खरीदने थे। इस नीलामी प्रक्रिया में कद्री के शोध छात्र ,वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों और प्रशासन के लोगों ने भाग लिया।

सबसे महंगे बिके खिलाड़ी

शादाब अहमद ( 16 करोड़ वर्चुअल मनी)
गौरव झा ( 16 करोड़ वर्चुअल मनी,)
राहुल हंसदा ( 13 करोड़ वर्चुअल मनी,)
राजेश शर्मा ( 11.5 करोड़ वर्चुअल मनी )
जुहैब ( 11 करोड़ वर्चुअल मनी)

स्टाफ क्लब के सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि लखनऊ के लोग सीडीआरआई का नाम तो जानते हैं लेकिन योगदान के बारे में अमूमन कम जानते हैं। इस टूर्नामेंट के माध्यम से सीडीआरआई की मुख्य दवाओं से लोगों का परिचय कराना है।

CDRI 1

कार्यक्रम के संयोजक जगदीश ने कहा की इस टूर्नामेंट के माध्यम से सीडीआरआई के वैज्ञानिकों और छात्रों के बीच में समन्वय स्थापित करना है। दवाओं के नाम से टीमों के नामों का सृजन कवि एवं वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी पंकज प्रसून ने किया है। वह टीम गुगलिप राइडर्स के मालिक भी हैं।

6 टीमों के बीच होगा मुकाबला, दवाओं के नाम पर हैं नाम

1. रियूनियन हीलर

फ्रेंचाइजी मालिक : डा दीपक शर्मा
रियूनियन के बारे में:यह शीशम से बनाई गई दवा है जो हड्डियों को जल्‍दी जोड़ने में मदद करती है। यह दवा फारमेंजा हर्बल को वर्ष 2015 में लाइसेंस की गई।

इस तीन के मालिक का नाम

2. आर्टीथर प्रोटेक्टर

फ्रेंचाइजी मालिक : डा वीरेंद्र प्रजापति
आर्टीथर के बारे में: चाइनीज जड़ी आर्टीमीशिया एनुआ से तैयार किया गया यह इंजेक्शन मलेरिया के गंभीर मरीजों को दिया दिया है। इसे थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड को मार्केटिंग के लिए लाइसेंस दिया गया। इसके एडवांस वर्जन को इल्यूबाक्वीन के नाम से निकोलस पिरामल इंडिया को 1999 को लाइसेंस किया गया।

3. सेंटक्रोमोंन वारियर्स

फ्रेंचाइजी मालिक डा चंद्र प्रकाश पांडे

सेंटक्रोमोंन के बारे में : इस टीम का नाम देश की पहली स्टीराइड रहित गर्भ निरोधक दवा के नाम पर रखा गया है। यह दवा वर्तमान में छाया के नाम से सामुदायिक स्वास्थ केंद्रों में वितरित की जाती है. यह भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम का अंग है। इस दवा को हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड ( 1990)एवम टोरेंट फार्मा(1991) को लाइसेंस किया गया था।

4. गुगलिप राइडर्स

फ्रेंचाइजी मालिक : पंकज प्रसून
गुगलिप के बारे में : कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली पॉपुलर दवा जिसे सिप्ला ( 1987) एवं निकोलस पिरामल ( 2000) कंपनी को लाइसेंस किया गया

5. कीनमाइंड इनहैंसर

फ्रेंचाइजी मालिक डा गौतम पांडा

कीनमाइंड के बारे में : ब्राम्ही से बनाई गई यह दवा मेमोरी श्योर के नाम से भी मिलती है। यह शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की बेहतरीन दवा है। यह भारत, मलेशिया, आस्ट्रेलिया सहित छह अन्य देशों में बेची जाती है। इसको ल्यूमेन मार्केटिंग कंपनी, चेन्नई को वर्ष २००२ में लाइसेंस किया गया।

6. सेंटीमीजोन ब्लास्टर

फ्रेंचाइजी मालिक डा अमरजीत

सेंटीमीजोन के बारे में : यह सीडीआरआई द्वारा निर्मित थायराइड रोधी दवा है, जिसे वर्ष 1972 में यूनिकेम लैब लिमिटेड को लाइसेंस दिया गया था।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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