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रायबरेली: TET की अनिवार्यता के खिलाफ RSM का बड़ा प्रदर्शन, पीएम और शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन

रायबरेली: बिना टीईटी (TET) पास शिक्षकों पर इस परीक्षा को अनिवार्य करने का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (RSM) ने इस नियम के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा है। इसमें कानून में संशोधन करके पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग की गई है।

रायबरेली में गुरुवार को विकास भवन में अखिल राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ महासंघ के आवाह्न पर प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में एकत्रित हुए सैकड़ों शिक्षकों ने गो बैक टेट के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुँचे और जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी असुरक्षा

प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना एवं केंद्र सरकार द्वारा आरटीई एक्ट के सेक्शन 23(2) में 9 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मुहर लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश से देशभर के लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। देशभर के लाखों शिक्षकों में वर्तमान समय में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है। ऐसे में सरकार को अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत देनी चाहिए।

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पूर्व नियुक्तियों पर नए नियम लागू करना अनुचित

जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक सितंबर 2025 एवं पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियाँ हैं, जिनके कारण वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावी होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा-अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदण्डों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता।

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संसद से विधायी संशोधन की मांग

जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह और जिला मंत्री शशि देवी ने कहा कि टेट लागू होने से पूर्व देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियाँ उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदण्डों एवं चयन प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत रूप से की जा चुकी थीं। इन शिक्षकों ने वर्षों से राष्ट्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक चेतना एवं चरित्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता एवं शिक्षकों के मनोबल दोनों को प्रभावित करेगा। संसद एवं केंद्र सरकार आवश्यक विधायी अथवा नीतिगत हस्तक्षेप कर इस वर्ग को उचित संरक्षण प्रदान कर सकती है।

जिला मीडिया प्रभारी जयकरन और संयुक्त मंत्री हरिमोहन यादव ने कहा कि संगठन मांग करता है कि देश के विभिन्न राज्यों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता होने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए।

TET RSM 2

इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी, शशिदेवी, वेद प्रकाश यादव, राजेश मौर्या, सन्दीप सिंह, लोकतन्त्र शुम्ला, आनंद सिंह, ब्रजेन्द्र कुमार , अवनीश सिंह, अनूप सिंह, अनुराग मिश्रा, प्रदीप शुक्ला , यादवेन्द्र प्रताप सिंह, बिन्दादीन, आशीष सिंह, विजय सिंह, धर्मेन्द्र बहादुर सिंह दिनेश प्रताप सिंह, अंकित, मनोज, वीरेंद्र चौधरी, धीरेंद्र, रामेश्वर, रविन्द्र सिंह यादव, दिनेश सिंह, विनय सिंह, हरिवंश सिंह, राकेश गौतम, हेमन्त कुमार सिंह, कविता गौतम, ऊषा सिंह, गीता श्रीवास्तव, ऊषा, शायकुल निशां, अखिलेश चौरसिया, ओपी सिंह, रचना सिंह, सुषमा सिंह, निर्मला यादव, रमेश सिंह,आलोक सिंह पटेल, पुनीत सिंह, विनोद कुमार, सुभाष सिंह, राम उजेर, लाखन सिंह, कमलेन्द्र सिंह, संजय सिंह,रामभरत, रुचि सिंह, कौशलेंद्र सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

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Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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