UP

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के पक्ष में नैरेटिव सेट करा रहे चीफ इंजीनियर

Lucknow: स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन व हंगामा मचा है। प्रीपेड मीटर से होने वाली दिक्कतों के लिए विद्युत नियामक आयोग (UPERC) में याचिका दायर हो चुकी है। इस पर उठ रहे सवालों के जवाब देने में पावर कारपोरेशन नाकाम साबित हो रहा है। आयोग ने यूपीपीसीएल (UPPCL) को नोटिस देकर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।

इन सब के बीच लेसा सेन्ट्रल जोन के चीफ इंजीनियर (Chief Engineer) स्मार्ट प्रीपेड मीटर के पक्ष में नैरेटिव सेट करने में जुटे हैं। अपनी टीम से उपभोक्ताओं के वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया में शेयर कर यह साबित करने में लगे हैं कि लोग स्मार्ट प्रीपेड मीटर से संतुष्टï हैं। हुसैनगंज स्थित लेसा सेन्ट्रल जोन कलेक्शन कार्यालय में कुछ दिन पहले ही सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता आकर हंगामा कर रहे थे। उनके कनेक्शन कट गए और पैसा जमा करने के बाद बैलेंस निगेटिव दिखता रहा। सप्लाई चालू नहीं हुई। कर्मचारियों ने जैसे तैसे उनको समझाकर बुझाकर शांत कराया था।

चौक इलाके से आए उपभोक्ता ने दो दिन पहले शिकायत दर्ज कराई कि कनेक्शन कटा होने के बाद भी उसका बैलेंस एक सप्ताह में सात हजार से नौ हजार निगेटिव में ही बढ़ गया। अधिशासी अभियंता कलेक्शन अनूप सिंह इसका कारण नहीं बता सके। इसके बावजूद वह स्मार्ट प्रीपेड मीटर को एक बेहतर मीटर ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उनके ऐसा करने के पीछे चीफ इंजीनियर का दबाव है जिसकी वजह से वह दिन भर ऐसे उपभोक्ताओं को खोजते हैं जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर को एक बार ही सही कह दे। वर्तमान व्यवस्था से परेशान इक्का दुक्का उपभोक्ता इस मीटर को अपनी नियति मानकर उसे सही कहने को विवश हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के सहारे यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश हो रही है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक अच्छा मीटर है। इसके इस्तेमाल में कोई समस्या नहीं।

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नहीं ले रहे पोस्ट पेड में बदलने का आवेदन

विभाग में रोजाना करीब दो दर्जन लोग आवेदन लेकर आ रहे हैं कि उनका स्मार्ट मीटर प्रीपेड से पोस्ट पेड में बदल दिया जाए। अधिकारी कोई न कोई बहाना बनाकर उनका आवेदन स्वीकार करने के बजाय वापस भेज दे रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार लेसा सेन्ट्रल जोन में एक माह में सात हजार से अधिक उपभोक्ता कनेक्शन पुन: पोस्ट पेड में कराने के लिए आ चुके हैं मगर किसी के भी आवेदन को औपचारिक रूप से लिखित में स्वीकार नहीं किया गया है। यही कारण है कि जोन के अधिकारी यह कह रहे हैं किसी ने पोस्ट पेड के लिए आवेदन दिया ही नहीं। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर यह बयान दे चुके हैं कि उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्ट पेड में कनेक्शन लेने का विकल्प दिया जा रहा है जबकि हकीकत में उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता को ऐसा कोई विकल्प नहीं मिला है।

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चेयरमैन के आदेश पर बनाए जा रहे वीडियो

पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता संतुष्टï हैं ऐसे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए जाएं। उनके इस निर्देश का पालन सेन्ट्रल जोन में सबसे पहले हो गया है। सेन्ट्रल जोन के चीफ इंजीनियर रवि अग्रवाल खुद को चेयरमैन का करीबी दर्शाने का कोई भी मौका नहीं छोडऩा चाहते यही वजह है कि जोन में ऐसे उपभोक्ता खोजे जा रहे हैं जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर को अच्छा कह दें। ऐसा करने से मुख्यमंत्री तक यह संदेश पहुंचाया जा सकेगा कि आम जनता स्मार्ट प्रीपेड मीटर से खुश है और इसी व्यवस्था को बरकरार रखा जाए। अफसरों के लिए यह काम इतना आसान नहीं हो मगर फिर भी वर्तमान प्रबंधन अपनी कोशिश कर रहा है। मैनजमेंट को उम्मीद है कि वह केन्द्र से स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था बहाल कराने में कामयाब हो जाएगा।

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