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पुरानी पेंशन बहाली की मांग: अटेवा के आह्वान पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने बांधी काली पट्टी, मनाया ‘काला दिवस’

लखनऊ: ऑल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के आह्वान पर बुधवार को पूरे उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक, डिग्री और विश्वविद्यालय के शिक्षकों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर ‘काला दिवस’ (Black Day) मनाया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों, लेखपालों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों और केजीएमयू (KGMU) के स्टॉफ ने एकजुट होकर राज्य सरकार से पुरानी पेंशन (OPS) बहाल करने की पुरजोर मांग की। विरोध प्रदर्शन में मातृशक्ति और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों ने भी भारी संख्या में हिस्सा लिया।

राजधानी लखनऊ में इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अटेवा (ATEWA) के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, प्रदेश महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी, पीडब्ल्यूडी (PWD) के वरिष्ठ नेता भारत सिंह और शैलेंद्र शुक्ला ने किया।

‘NPS से कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय’

इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि आज ही के दिन प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त किया गया था, जिसके कारण लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नई पेंशन स्कीम (NPS) के तहत जो भी कर्मचारी रिटायर हो रहा है, वह आर्थिक परेशानियों का सामना करने को मजबूर है।

उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक दिन के लिए चुने जाने वाले सांसद और विधायक को पुरानी पेंशन (OPS) का लाभ मिल रहा है, जबकि 30 से 40 वर्ष तक देश और प्रदेश की सेवा करने वाले कर्मचारियों को NPS के सहारे छोड़ दिया गया है। यह व्यवस्था न्यायपूर्ण नहीं है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जल्द से जल्द पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर कर्मचारियों को न्याय दे।

‘बुढ़ापे की लाठी मजबूत करे सरकार’

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बंद हुए कई साल बीत चुके हैं। जो कर्मचारी अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वे दूसरों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय लिया जाए, ताकि कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी मजबूत हो सके।

वहीं, संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने अर्धसैनिक बलों के लिए भी पुरानी पेंशन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जो जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए।

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Sunil Yadav

संपादक, और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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